
1932 में टेस्ट क्रिकेट खेलने के बाद सबसे खराब प्रदर्शन
ऑस्ट्रेलिया की टीम इस समय भारत के दौरे पर है। गुरुवार (23 फरवरी) से दोनों टीमों के बीच पुणे में पहला टेस्ट मैच खेला जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 260 रन बनाए। इसके जवाब में दूसरे दिन (शुक्रवार) को बल्लेबाजी करने उतरी। भारत का स्कोर एक वक्त पर तीन विकेट पर 94 रन था लेकिन इसके बाद भारतीय बल्लेबाजी ऐसी बिखरी कि किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा। भारत की टीम 94 रन पर तीन विकेट से आगे बढ़ते हुए 105 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत ने अपने आखिरी सात बल्लेबाजों को महज 11 रन के भीतर खो दिया। भारत ने 1932 में टेस्ट क्रिकेट खेलना शुरू किया था, तब से लेकर अब तक आखिरी सात विकेट खोने के मामले में ये सबसे खराब प्रदर्शन है।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ 18 रन पर खोए थे सात विकेट
आखिरी सात विकेट खोने के मामले में भारतीय टीम के सबसे खराब प्रदर्शन की बात की जाए तो इससे पहले भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 1990 में क्रिसचर्च में 18 रन के भीतर अपने आखिरी सात विकेट खो दिए थे। 2011 में ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम के आखिरी सात विकेट 21 रन पर गिरे थे। इंग्लैंड के ही खिलाफ भारत ने 1979 में लॉर्डस में भी 21 रन पर अपने आखिरी सात विकेट गंवाए थे।

आस्ट्रेलियाई गेंदबाज ओ कीफ का रिकॉर्ड
ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज ओ कीफ ने दूसरे दिन 19 बॉल के स्पैल में पांच विकेट लिए। वह भारत के खिलाफ सबसे कम बॉल के स्पैल में पांच विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज हैं। 2011 में इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड ने 16 बॉल के भीतर भारत के पांच बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया था। एर्ने टॉशेक ने 1947-48 में और इमरान खान ने 1982-83 में भारत के खिलाफ 19 गेंदों में पांच विकेट लिए थे।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथा सबसे कम स्कोर
2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रन पर आउट होने के बाद घर में भारत का ये (105) सबसे कम स्कोर है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2004-05 में भारतीय टीम वानखेडे स्टेडियम में 104 रन पर आउट हुई थी। ऑस्ट्रलिया के खिलाफ भारत का ये चौथा सबसे कम स्कोर है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे कम स्कोर भारत ने 1947-48 में गाबा में बनाया था, तब भारत 58 रन पर आउट हुआ था।


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