नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम अब डे-नाइट टेस्ट मैच खेलती नजर आएगी। इस बात पर आखिरी मुहर बीसीसीआई के नए अध्यक्ष बने साैरव गांगुली ने लगाई है। गांगुली ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को कोलकाता टेस्ट को डे-नाइट टेस्ट के रूप में खेलने का प्रस्ताव दे दिया और नए बीसीसीआई अध्यक्ष के इस प्रस्ताव को बीसीबी ने भी अपने सीनियर क्रिकेटरों संग चर्चा कर स्वीकार कर लिया है।
बीसीबी को यह प्रस्ताव भेजने के साथ ही गांगुली ने उम्मीद जता दी थी कि वह उनका प्रस्ताव मान लेंगे। सौरभ ने सोमवार को बताया था कि उन्होंने बीसीबी अध्यक्ष नजमुल हसन से बात की है और वह सहमत नजर आ रहे हैं। लेकिन इसके लिए हामी भरने से पहले वह अपनी टीम के सीनियर खिलाड़ियों से इस पर चर्चा करना चाहते थे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष गांगुली की योजना है कि वह ईडन गार्डेन्स में सालाना तौर पर दिन-रात्रि टेस्ट मैच आयोजित करें। जैसे क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया में वार्षिक पिंक बॉल टेस्ट का आयोजन होता है।
गांगुली जब अध्यक्ष नहीं थे तो भारतीय टीम डे-नाइट टेस्ट खेलने से साफ मना करती थी। खुद कप्तान विराट कोहली भी डे-नाइट टेस्ट खेलने से बचते नजर आते थे, लेकिन जैसे ही गांगुली ने अपना फैसला सुनाया तो पूरी टीम को मानना पड़ा। गांगुली ने कोहली से अपनी पहली ही मीटिंग में इस मुद्दे पर चर्चा की और कोहली ने भी पिंक बॉल से डे-नाइट टेस्ट खेलने की हामी भर दी। इससे पहले टीम इंडिया को 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने पिंक बॉल टेस्ट खेलने की पेशकश की थी, लेकिन टीम इंडिया उसके इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था। भारत को बांग्लादेश के खिलाफ पहला टेस्ट 14 नवंबर को खेलना है, जबकि दूसरा 22 को जो डे-नाइट टेस्ट होगा।