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B,day Special: जब 19 की उम्र में लिया स्टीव वाॅ से पंगा, जानें पार्थिव से जुड़ी कुछ खास बातें

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर पार्थिव पटेल के लिए आज का दिन यानि की 9 मार्च बेहद खास है। 1985 को जरात के अहमदाबाद में जन्में पार्थिव अब अपना 34वां जन्मदिन मना रहे हैं। 5.3 फीट के बाएं हाथ के इस खिलाड़ी के पास ना सिर्फ विकेटकीपिंग की कला थी बल्कि साथ-साथ में बल्लेबाजी भी अच्छी कर लेते थे। पार्थिव बताैर ओपनर उतरते थे। पार्थिव ने जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था तो उसके 2 साल के बाद ही उन्होंने स्टीव वाॅ से पंगा ले लिया था। आइए जानें पार्थिव से जुड़ी कुछ खास बातें-

स्टीव वाॅ से यूं लिया था पंगा

स्टीव वाॅ से यूं लिया था पंगा

दरअसल, आस्ट्रेलिया टीम अक्तूबर के महीने साल 2004 में भारत में बाॅर्डर-गावस्कर ट्राॅफी खेलने आई थी। इस दाैरान एक मैच में पार्थिव विकेट से पीछे स्टीव वाॅ को छेड़ते हुए नजर आए। स्टीव अभी पिच पर पैर जमाने की कोशिश में ही थे कि इसी बीच पार्थिव ने उन्हें कहा- कम ऑन स्टीव। जाने से पहले अपना सबसे चर्चित स्लॉग स्विप तो मारकर दिखाओ। इस पर स्टीव वॉ झल्लाह गए। बोले- इज्जत देना सीखो। मैंने जब 18 साल पहले क्रिकेट खेलना शुरू किया था तब तुम अपनी मां की नैपी में थे। पार्थिव के बारे में एक और किस्सा बड़ा मशहूर है जो उनके रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथी एबी डीविलियर्स ने बताया था। डीविलियर्स ने एक बार बताया था कि पार्थिव से बड़ा बातूनी कोई हो नहीं सकता। विकेट के पीछे वह इतना बोलता है कि कई बार बल्लेबाज भी परेशान हो जाता है। माने वह कह रहा हो, भाई कोई तो इसे चुप कराओ।

छोटी उम्र में किया था डेब्यू

छोटी उम्र में किया था डेब्यू

पार्थिव टेस्ट में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले विकेटकीपर बने थे। लेकिन निराशाभरी उनके लिए यह बात रही कि उनका करियर लंबा नहीं चल सका। पार्थिव ने 8 अगस्त 2002 को इंग्लैंड के खिलाफ पहला टेस्ट खेला था। उन्हें विकेटकीपर अजय रत्रा की जगह शामिल किया गया था। पार्थिव उस समय महज 17 साल 152 दिन के थे। इस तरह वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले विकेटकीपर बने। इस मामसे में पार्थिव ने पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद (17 साल 300 दिन) का रिकॉर्ड तोड़ा, जो उनसे पहले कम उम्र में टेस्ट में डेब्यू किए हुए थे।

धोनी के कारण कट गया पत्ता

धोनी के कारण कट गया पत्ता

अगर हम यह कहें कि पार्थिव का पत्ता महेंद्र सिंह धोनी के टीम के साथ जुड़ने के बाद कटा तो इसमें कोई गलत बात नहीं। धोनी ने जैसे ही डेब्यू कि तो उन्होंने विकेटकीपिंग के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी दम दिखाया। यही नहीं, जब उन्हें पहली बार सितंबर 2007 में भारत की वनडे, टी-20 टीम और फिर 2008 में पहली बार भारत की टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया तो उसके बाद पार्थिव की वापसी मुश्किल हो गई। पार्थिव विकेटकीपर के लिए भूमिका निभाते थे, जो धोनी ने उनसे छीन ली। हालांकि पार्थिव को साल 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंडिया में फिर वापसी की। इसी के साथ उन्होंने अपने नाम अनोखा रिकाॅर्ड दर्ज किया। उनके नाम सबसे अधिक मैच मिस (दो मैच के बीच गैप) करने का रिकॉर्ड दर्ज हुआ। 2008 से 2016 के बीच भारतीय टीम ने 83 टेस्ट खेले लेकिन उन्हें जगह नहीं मिली।

पार्थिव का करियर

टेस्ट- 25 मैच, 934 रन, 6 अर्धशतक

वनडे- 38 मैच, 736 रन, 4 अर्धशतक

टी20- 2 मैच, 36 रन

Story first published: Monday, March 9, 2020, 13:04 [IST]
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