भारत लगातार आठ वनडे मैच जीत चुका है. यदि वह ये मैच जीत लेता है तो लगातार नौ वनडे जीतकर वह एक रिकॉर्ड कायम करेगा.
उधर श्रीलंका का प्रयास ये रहेगा कि वह इस वनडे को जीते और अपना खोया आत्मविश्वास वापस लाए. इसीलिए उसे अपने सबसे बेहतर खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरना होगा.
'नज़र रिकॉर्ड पर नहीं'
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी कह चुके हैं, "हमारी नज़र रिकॉर्ड पर नहीं है. हम इस सिरीज़ में अब उन खिलाड़ियों को मौका देना चाहते हैं जिन्हें अब तक मौका नहीं मिला है. हम सिरीज़ 3-0 से जीत चुके हैं. हमारी प्राथमिकता है कि इस अवसर का इस्तेमाल हम नए खिलाड़ियों को मौका देकर करें."
हमारी नज़र रिकॉर्ड पर नहीं है. हम इस सिरीज़ में अब उन खिलाड़ियों को मौका देना चाहते हैं जिन्हें अब तक मौका नहीं मिला है भारतीय कप्तान धोनी
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भारत ने तीसरे वनडे में श्रीलंका को 147 रनों से हराया था और सिरीज जीती थी.
पर्यवेक्षकों के मुताबिक भारत की बल्लेबाज़ी श्रीलंकाई टीम के मुकाबले में काफ़ी बेहतर रही है और गेंदबाज़ों ने भी अनुशासन कायम रखते हुए अच्छा प्रदर्शन किया है.
'आत्मविश्वास वापस लाना ज़रूरी'
श्रीलंकाई कप्तान महेला जयवर्धने ने माना, "कई क्षेत्रों में हमें सुधार करने की ज़रूरत है. भारत जैसी मज़बूत विपक्षी टीम के ख़िलाफ़ खेलते हुए कुछ क्षेत्रों में हम ढीले रहे. हम चयनकर्ताओं से बात करेंगे."
भारत जैसी मज़बूत विपक्षी टीम के ख़िलाफ़ खेलते हुए कुछ क्षेत्रों में हम ढीले रहे. हम चयनकर्ताओं से बात करेंगे. हमें अगले दो मैचों में अपनी सबसे बेहतरीन टीम चाहिए. ये इसलिए ज़रूरी है ताकि हम अपना आत्मविश्वास वापस ला पाएँ श्रीलंकाई कप्तान जयवर्धने
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उनका कहना था, "हमें अगले दो मैचों में अपनी सबसे बेहतरीन टीम चाहिए. ये इसलिए ज़रूरी है ताकि हम अपना आत्मविश्वास वापस ला पाएँ.."
जयवर्धने ने माना कि वे श्रीलंकाई गेंदबाज़ी से निराश हैं. तीसरे वनडे में जहाँ महारूफ़ ने सात ओवर में बिना विकेट लिए 68 रन दिए थे वहीं फ़र्नैंडो ने आठ ओवर में 63 रन देकर एक विकेट ली थी.
कुलसेखब, मेंडिस और मुरली भी कोई ख़ास प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं.