
एक साथ बने कई रिकॉर्ड
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कोलकाता में खेला गया दूसरा वनडे भारतीय क्रिकेट टीम के इतिहास का 924वां मुकाबला था। वनडे में 33 साल के इतिहास में भारतीय टीम को 472 मुकाबलों में जीत मिली, तो 405 मुकाबलों में टीम को हार का सामना करना पड़ा। 924 मुकाबलों में भारतीय टीम के कई बल्लेबाजों ने शतक जमाए, तो गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन कर विपक्षी टीम को ध्वस्त कर दिया। लेकिन सिर्फ तीन ही बार ऐसा मौका आया जब भारतीय गेंदबाजों ने क्रिकेट के इस फार्मेट में हैट्रिक जमाई हो। हैरानी की बात है कि वेस्ट जोन, ईस्ट जोन, सेंट्रल जोन, साउथ जोन के दिग्गज गेंदबाजों पर किस्मत इस मामले में एक बार भी मेहरबान नहीं रही। वनडे में हैट्रिक लेने वाले सभी तीनों गेंदबाज नॉर्थ जोन से आते हैं।

उत्तर भारत के खिलाड़ियों के नाम तीनों हैट्रिक
सबसे पहले हैट्रिक लेने का करिश्मा हरियाणा के तेज गेंदबाज चेतन शर्मा ने किया था। उन्होंने 1987 रिलायंस विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ हैट्रिक ली थी। हरियाणा के ही कपिल देव ने 1991 में एशिया कप में श्रीलंका के खिलाफ हैट्रिक ली थी। अब उत्तर प्रदेश के कुलदीप यादव का नाम इस सूची में दर्ज हो गया है। ये तीनों खिलाड़ी नॉर्थ इंडिया से हैं।

पाकिस्तानी गेंदबाज की हैट्रिक का किस्सा
क्रिकेट में हैट्रिक लेने के कई किस्से मशहूर हुए हैं लेकिन पाकिस्तान का एक गेंदबाज ऐसा भी है जिसका हैट्रिक नहीं कर पाने का किस्सा काफी मशहूर है। उस गेंदबाज का नाम है ज़हूर खान। आयरलैंड के खिलाफ एक बेहद ही दिलचस्प मुकाबले में वो हैट्रिक नहीं कर पाए थे और इस मैच की खूब चर्चा हुई थी. पहले खिलाड़ी को उन्होंने कैच आउट किया दूसरे को बोल्ड और इसके बाद तीसरी गेंद वाइड हो गई और चौथी गेंद पर उन्होंने फिर एक खिलाड़ी को पगबाधा किया। यूनाइटेड अरब अमीरात में खेले गए मैच की खूब चर्चा हुई थी।
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