
सधी शुरुआत की चुनौती:
भारत के दोनों टेस्ट मैच में ओपनिंग की समस्या देखने को मिली है। सधी शुरुआत के बिना भारत की पारी लड़खड़ाई है और लड़खड़ाती चली गई है। भारतीय पारी का आगाज करने वाले केएल राहुल , मुरली विजय के बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं। दोनों के बीच पहले टेस्ट में 3 रन साझेदारी की थी और दूसरी पारी में दोनों ने मिलकर 63 रन जोड़े थे।
दूसरे टेस्ट मैच में दोनों के बीच पहली पारी में 6 रन की साझेदारी हुई थी।जबकि दूसरी पारी में 0 रन की पार्टनरशिप हुई थी। इस दोनों टेस्ट के दौरान केएल राहुल ने 48 रन बनाए हैं। जिसमें 44 रन उनका सर्वोच्च स्कोर है। वहीं ,मुरली विजय ने दोनों टेस्ट में सिर्फ 49 रन बनाए हैं और 20 रन उनका सर्वोच्च स्कोर है। ऐसे में भारत के लिए ओपनिंग की परेशानी सबसे बड़ी चुनौती है।

नंबर 6 पर बल्लेबाजी:
भारत के सामने टेलहेंडर की बल्लेबाजी की समस्या लगातार बनी हुई है। नंबर 6 पर भारत के लिए स्थापित बल्लेबाज नहीं हो पाया है। नंबर 6 पर ऋषभ पंत और रोहित शर्मा को आजमाया गया लेकिन दोनों का प्रदर्शन उम्दा नहीं रहा। रोहित शर्मा के चोटिल होने के बाद हनुमा विहारी को मौका दिया गया लेकिन उनके बल्ले से भी रन नहीं निकला। अनिल कुंबले ने भी हाल ही में कहा कि वह भारतीय टीम में नंबर 6 पर ऋषभ पंत की जगह आर अश्विन को बल्लेबाजी करता देखना चाहते हैं। इसके अलावा पर्थ टेस्ट में स्पिन गेंदबाज को ना खिलाकर हनुमा विहारी को अतिरिक्त बल्लेबाज के तौर पर खिलाने का फैसला टीम इंडिया को भारी पड़ा। लेकिन मांजरेकर ने अगले मैच में भी विहारी को खिलाने का समर्थन किया, हालांकि वो चाहते हैं कि विहारी नंबर 6 पर ना खेलकर शीर्ष क्रम में खेलें।

विराट कोहली के लिए नाथन लियोन चुनौती:
भारत को पर्थ टेस्ट में सबसे ज्यादा तंग करने वाले नाथन लियोन को भारतीय टीम की खराब रणनीति का भी खूब फायदा मिला। बिना किसी स्पिनर के खेल रहा भारत जहां हनुमा विहारी जैसे पार्ट टाइम स्पिनर के द्वारा कंगारूओं को तंग करने में नाकामयाब रहा तो वहीं नाथन लियोन दोनों ही पारियों में भारत पर कहर बनकर टूटे। इसने नाथन लियोन की गेंदबाजी को दोनों टीमों के फर्क के रूप में और अधिक उभारने में मदद की। इस सीरीज में उन्होंने अबतक 16 विकेट अपने नाम किया है। इतना ही नहीं अपने करियर में नाथन लियोन ने 7 बार विराट कोहली को आउट किया।


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