नई दिल्ली। क्रिकेट के मैदान पर महेंद्र सिंह धोनी का जजमेंट कितना सही होता है इसकी बानगी एक बार फिर एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के मैच के बीच देखने को मिली। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने आई पाकिस्तान की टीम की संभली हुई शुरुआत रही।भारतीय गेंदबाजों को शुरुआती पांच ओवर तक कोई विकेट नहीं मिला। रोहित ने गेंदबाजी में परिवर्तन करते हुए युजवेंद्र चहल को गेंद पकड़ाई और ओवर के अंत में गेंजद पाकिस्तान के बल्लेबाज इमाम उल हक के पैड पर जा टकराई।
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— CricTracker (@Cricketracker) September 23, 2018
रोहित एंड कंपनी ने पगबाधा की अपील की लेकिन अंपायर ने इसे नकार दिया। इतने में भारत के पूर्व कप्तान ने अपना करिश्मा दिखाया और बिना देर किया रिव्यू सिस्टम का इस्तेमाल किया। अंपायर ने अपना फैसला थर्ड अंपायर को रेफर किया जिसके बाद भारतीय टीम को पहली सफलता मिली। 24 रन के टीम स्कोर पर इमाम को पवेलियन लौटना पड़ा। और इस फैसले से एक बार फिर साबित हुआ कि इसे डिसिजन रिव्यू सिस्टम की बजाए भारत में धोनी रिव्यू सिस्टम क्यों कहा जाता है।
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2017 में एक इंटव्यू के दौरान खुद कप्तान विराट कोहली ने कहा था कि वह महेंद्र सिंह धोनी के फैसलों पर आंख बंद करते हामी भरत देते हैं क्योंकि धोनी के रिव्यू शायद ही कभी गलत होते हैं। भारत की तरफ से धोनी को रिव्यू लेने के मामले में भी सबसे सफल कप्तान माना जाता है। धोनी ने कई बार एक ही मैच में रिव्यू लेकर अंपायर के दोनों फैसलों को पलटवाया है।