गृह मंत्री पी चिदंबरम ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में पाकिस्तानी क्रिकेटरों को न चुने जाने पर निराशा जताई है. उन्होंने कहा कि आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों का न चुना जाना क्रिकेट का नुक़सान है.
एक टीवी चैनल से बातचीत में गृह मंत्री ने कहा कि सरकार की तरफ़ से ऐसा करने के लिए कोई संकेत नहीं दिया गया था.
पाकिस्तान के कुछ क्रिकेटरों को ट्वेन्टी-20 के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से बताते हुए उन्होंने कहा कि ये लोग पाकिस्तानी टीम के रूप में नहीं आ रहे थे, बल्कि एक खिलाड़ी के रूप में आ रहे थे.
चिदंबरम ने कहा कि एक क्रिकेट प्रेमी होने के नाते उन्हें निराशा है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल में जगह नहीं दी गई.
इस मामले पर सरकार की भूमिका पर उठ रहे सवालों को ख़ारिज करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने तो 17 खिलाड़ियों के लिए वीज़ा जारी किया था.
टीवी चैनल के साथ बातचीत में गृह मंत्री ने कहा, "मैं ये नहीं समझ पा रहा हूँ कि आईपीएल टीम या आयोजक ने ऐसा बर्ताव क्यों किया. कुछ क्रिकेटरों का न चुना जाना क्रिकेट का नुक़सान है. सरकार की ओर से ऐसा करने के लिए कोई संकेत या इशारे की बात पूरी तरह ग़लत है." विवाद कुछ दिनों पहले आईपीएल के तीसरे संस्करण के लिए लगी बोली में कोई भी पाकिस्तानी क्रिकेटर नहीं बिक पाया था. जबकि इनमें धाकड़ बल्लेबाज़ शाहिद अफ़रीदी और बेहतरीन गेंदबाज़ सोहैल तनवीर भी शामिल थे.
टीवी चैनल के साथ बातचीत में गृह मंत्री ने कहा, "मैं ये नहीं समझ पा रहा हूँ कि आईपीएल टीम या आयोजक ने ऐसा बर्ताव क्यों किया. कुछ क्रिकेटरों का न चुना जाना क्रिकेट का नुक़सान है. सरकार की ओर से ऐसा करने के लिए कोई संकेत या इशारे की बात पूरी तरह ग़लत है."
विवाद कुछ दिनों पहले आईपीएल के तीसरे संस्करण के लिए लगी बोली में कोई भी पाकिस्तानी क्रिकेटर नहीं बिक पाया था. जबकि इनमें धाकड़ बल्लेबाज़ शाहिद अफ़रीदी और बेहतरीन गेंदबाज़ सोहैल तनवीर भी शामिल थे.
कुछ दिनों पहले आईपीएल के तीसरे संस्करण के लिए लगी बोली में कोई भी पाकिस्तानी क्रिकेटर नहीं बिक पाया था. जबकि इनमें धाकड़ बल्लेबाज़ शाहिद अफ़रीदी और बेहतरीन गेंदबाज़ सोहैल तनवीर भी शामिल थे.
इसे लेकर काफ़ी विवाद चल रहा है और पाकिस्तान ने इस पर कड़ी आपत्ति भी जताई है. जबकि आईपीएल टीम के कई मालिकों का कहना है उन्होंने पाकिस्तानी खिलाड़ियों की उपलब्धता को देखते हुए ऐसा किया है और उनके क़दम पर सवाल नहीं उठाए जा सकते.
हालाँकि एक दिन पहले ही कोलकाता नाइट राइडर्स के मालिकों में से एक शाहरुख़ ख़ान ने भी आईपीएल की मंशा पर सवाल उठाए थे और कहा था कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को चुना जाना चाहिए था.
इस मामले पर पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर जब गृह मंत्री पी चिदंबरम से सवाल पूछे गए, तो उनका कहना था, "अगर किसी देश का कोई भी खिलाड़ी नहीं चुना जाएगा तो वे अपने को अपमानित तो ज़रूर महसूस करेंगे. लेकिन उनकी प्रतिक्रिया ज़रूरत से ज़्यादा थी या नहीं- इस पर मैं कुछ नहीं कहना चाहता."
इस पूरे प्रकरण पर सरकार की किसी भी भूमिका से इनकार करते हुए चिदंबरम ने कहा कि सरकार का इस मामले में कोई लेना-देना नहीं है.