पुणे। आईपीएल 11 का 56वां अर्थात आखिरी लीग मैच चेन्नई सुपरकिंग्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच रविवार को रात 8 बजे से पुणे में खेला जाएगा। 13 में से 6 मैच जीतकर किंग्स इलेवन पंजाब सातवें नंबर पर है तो वहीं चन्नई सुपरकिंग्स 13 में से 8 मैच जीतकर दूसरे नंबर पर है। जहां चेन्नई पहले से ही प्ले-ऑफ के लिए क्वालीफाई कर चुकी है तो किंग्स इलेवन पंजाब के लिए ये मैच करो या मरो का है। किंग्स इलेवन पंजाब के सामने आईपीएल के अंतिम राउंड रोबिन मैच में सिर्फ चेन्नई सुपरकिंग्स को हराने की ही चुनौती नहीं होगी बल्कि प्लेआफ में जगह बनाने की उम्मीद रखने के लिये उसे नेट रन रेट को बढ़ाने पर भी ध्यान लगाना होगा।
हालांकि पंजाब के लिए एक अच्छी बात ये है कि उसका लीग मैच टूर्नामेंट का आखिरी लीग मैच है और उसे सारे समीकरण पता रहेंगे कि उसे प्लेऑफ में पहुंचने के लिए क्या करना है। यदि चेन्नई टीम कल मैच जीतती है तो पंजाब की टीम बाहर हो जायेगी। पंजाब का नेट रन रेट माइनस 0.490 है और इसे सुधारने के लिए उसे 200 फीसदी प्रदर्शन करना होगा। पंजाब बतौर टीम चलने में असफल रही है जबकि उसके लिये व्यक्तिगत प्रदर्शन ज्यादा हावी रहा है। केएल राहुल (652 रन) काफी रन जुटा रहे हैं लेकिन किसी अन्य बल्लेबाज ने लगातार निराश किया है।
अंतिम मुकाबले में वह गत चैम्पियन मुंबई इंडियंस से करीबी मैच में अंतिम ओवर में तीन रन से हार गयी। टूर्नामेंट के शुरू में क्रिस गेल ने कुछ शानदार पारियां खेली लेकिन वह इसके बाद निरंतर प्रदर्शन नहीं कर पाये। एरॉन फिंच, मार्कस स्टोइनिस, मयंक अग्रवाल, युवराज सिंह मध्यम क्रम को संभालने में विफल रहे हैं। करुण नायर ने जरूर टीम की जिम्मेदारी ली है लेकिन बीते दो मैचों में वो भी शांत रहे हैं। हालांकि पिछले मैच में उन्हें टीम में भी जगह नहीं मिली थी। गेंदबाजी में टीम का आक्रमण मुजीब उल रहमान के बिना अधूरा है। हालांकि कप्तान ने अश्विन ने जिम्मेदारी ली है लेकिन दूसरे छोर से सफल नहीं हो पाए हैं। तेज गेंदबाजों में सिर्फ एंड्रयू टाई ही अपना प्रभाव छोड़ सके हैं।
वहीं चेन्नई की बात करें तो अंबाती रायुडू (585 रन) पूरे सत्र में शानदार रहे हैं। रायुडू और शेन वाटसन (438 रन) टीम को मजबूत शुरूआत देते रहे हैं। हालांकि एक बार फिर टीम को उनसे उम्मीद होगी। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (430 रन) ने कुछ अच्छी पारियां खेली हैं जिससे उन्होंने अपने आलोचकों को भी चुप कर दिया है। हालांकि दिल्ली के खिलाफ धोनी का बल्ला खामोश ही रहा था। सुरेश रैना हालांकि बीती रात बल्ले से विफल रहे। वेस्टइंडीज के ड्वेन ब्रावो और रविंद्र जडेजा को भी महत्वपूर्ण पारियां खेलने की जरूरत है।