नई दिल्ली। अभी तक टूर्नामेंट में अपराजेय रही चेन्नई की टीम को आखिरकार मुंबई ने अपने घर में करारी हार का स्वाद चखाया दिया है। मुंबई को 37 रनों से मिली इस जीत में हीरो रहे हैं हार्दिक पांड्या जिन्होंने मैच में शानदार ऑलराउंडर प्रदर्शन किया।
मुंबई की ओर से मिले 171 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए चेन्नई की शुरुआत दयनीय रही और उसके दोनों सलामी बल्लेबाज 6 रनों के स्कोर पर ही आउट हो गए। वॉटसन ने 5 और रायडू ने जीरो रनों की पारी खेली। इसके बाद बैटिंग के लिए अनुभवी खिलाड़ी रैना (16) और धोनी (12) भी कुछ खास नहीं कर सके। वहीं, निचले मध्यक्रम पर रविंद्र जडेजा ने केवल एक रनों का योगदान दिया। केदार जाधव ने जरूर नंबर चार पर बल्लेबाजी करते हुए एक अच्छी अर्धशतकीय पारी (58) खेली लेकिन वे भी रन गति की मांग को पूरा करने के दबाव को झेल नहीं सके और आउट हो गए।
निचले क्रम पर ड्वेन ब्रावो का भी यही हाल हुआ जब वे रनों को तेज करने के प्रयास में केवल 8 रन बनाकर आउट हो गए। मुंबई के गेंदबाजों ने इस मैच में एकजुट होकर शानदार प्रयास किया। हार्दिक पांड्या और मलिंगा को तीन-तीन और जेसन बेहरनडॉर्फ को दो विकेट मिले। जबकि जसप्रीत ने विकेटहीन लेकिन कसी हुई गेंदबाजी की।
इससे पहले टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए मुंबई टीम की शुरुआत ही रोहित शर्मा और डिकॉक जैसे स्टार बल्लेबाजों के विकेटों के रूप में हुई। जब तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए युवराज सिंह भी डिकॉक की तरह 4 रन बनाकर आउट हुए तब मुंबई का स्कोर 3 विकेट खोकर 50 रन था। यहां से सूर्यकुमार यादव और क्रुणाल पांड्या ने बढ़िया अर्धशतकीय साझेदारी निभाई। यादव ने तो अपना अर्धशतक भी पूरा किया। उन्होंने 43 गेंदों पर 59 रनों की पारी खेली एक छ्क्का लगाया। जबकि क्रुणाल ने 32 गेंदों पर 42 रनों की पारी खेली।
लेकिन मुंबई की सुस्त पारी को गति प्रदान की पोलार्ड और हार्दिक पांड्या की आतिशियों ने, खासकर पांड्या बेहद ही निर्मम थे। उन्होंने केवल 8 गेंदों पर तीन छक्के जड़कर 25 रनों की पारी खेली। जबकि पोलार्ड ने 7 गेंदों पर 17 रन बनाए। चेन्नई की ओर से इमरान ताहिर ने किफायती गेंदबाजी करते हुए 4 ओवरों में 25 देकर 1 विकेट लिया।