नई दिल्ली। सांसे थाम देने वाले इस मैच को चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह के महान लेकिन जीत के लिए असफल रहे प्रयास के लिए लंबे समय तक याद किया जाएगा। लगातार गिरते विकेटों के बीच धोनी जिस तरह से अंतिम ओवरों में बेंगलुरु और उसकी जीत के बीच आए, यह किस्सा भी बखूबी दोहराया जाएगा। 162 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए धोनी जिस तरह अंतिम गेंद तक मैच ले गए और फिर उस गेंद पर 2 रन नहीं बना सके, यह चेन्नई सुपर किंग्स के फैंस के लिए दिल तोड़ने वाला मैच रहा।
इसके बावजूद धोनी की पारी से मैच में जो रोमांच बना, उससे यह मुकाबला पैसा वसूल बन गया। धोनी ने मैच में 48 गेंदों पर नाबाद 84 रन बनाए और वे अंत तक आउट नहीं हुए। हारे हुए मैच को जीत तक लेकर आए धोनी को अंतिम गेंद पर टाई के लिए केवल एक रन की दरकार थी लेकिन यह प्रयास असफल रहा और नॉन-स्ट्राइकर एंड के बल्लेबाज शार्दुल ठाकुर रन आउट हो गए। धोनी ने 7 छक्के और 5 चौके लगाए।
लक्ष्य का पीछा करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स की उम्मीद अंतिम ओवरों तक धोनी पर टिकी रही। लेकिन दूसरे छोर पर लगातार विकेट गिरते रहे। धोनी का साथ पहले रायडू (29) और फिर जडेजा (11) ने छोड़ दिया। बाद में ब्रावो (5) भी चलते बने। ऐसे में धोनी ने अकेले मोर्चा संभाला था। जबकि चेन्नई के टॉप ने इस मैच काफी निराश किया। वाटसन और फाफ केवल 5-5 रन ही बना सके तो रैना का खाता भी नहीं खुला।
यहीं नहीं, केदार जाधव (9) भी दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके। विकेटो के पतन के बीच धोनी ने शानदार फिनिशर की तरह खेलते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया। बेंगुलरु की ओर से स्टेन और चहल ने शानदार गेंदबाजी की। उमेश यादव ने स्टेन के साथ दो विकेट लिए लेकिन उनके अंतिम ओवर में काफी रन बने।
इससे पहले धोनी ने टॉस जीतकर कोहली एंड कंपनी को पहले बैटिंग के लिए न्यौता दिया। कोहली के जल्दी आउट होने के अलावा बेंगलुरु के टॉप ऑर्डर ने शुरुआत ठीक-ठाक ही की। लेकिन जमने के बाद डिविलियर्स (25) का आउट होना चेन्नई के पक्ष में गया क्योंकि इससे रनगति को लगाम लगी। इसके बाद अक्शदीप नाथ (24) और स्टोइनिस (14) ने भी यही किया। इसी बीच पार्थिव पटेल का पचासा पूरा हो गया।
उन्होंने 37 गेंदो पर 53 रनों की पारी खेली। डेथ ओवरों में पिछले मैच के हीरो रहे मोइन अली ने इस बार भी हाथ खोलते हुए 26 रनों का योगदान दिया। कुल मिलाकर मिले-जुले प्रयास की बदौलत बेंगलुरु एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच गया। सीएसके की ओर से चाहर, जडेजा और ब्रावो को 2-2 विकेट मिले। खासकर चाहर तो काफी किफायती भी रहे।