नई दिल्ली। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के खिलाफ मैच में चेन्नई सुपर किंग्स के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने जिस तरह से आखिरी ओवर में तूफानी पारी खेली और ओवर में 37 रन बटोरे उसके बाद हर तरफ उनकी तारीफ हो रही है। उनकी ही टीम के सलामी बल्लेबाज फाफ डूप्लेसिस का कहना है कि यह महज तुक्का नहीं था। फाफ ने कहा कि रवींद्र जडेजा की बल्लेबाजी में पिछले कुछ सालों में जरूर सुधार हुआ है और जिस तरह की फॉर्म में वह है वह टीम के लिए काफी अच्छा है।
तुक्का नहीं था
डूप्लेसिस ने कहा कि रवींद्र जडेजा प्रेक्टिस सेशन के दौरान छक्के मारने की काफी ट्रेनिंग करते हैं, लिहाजा आरसीबी के खिलाफ आखिरी ओवर में उन्होंने जो पारी खेली है वह तुक्का नहीं है। रवींद्र जडेजा ने आखिरी ओवर में 36 रन बनाकर क्रिस गेल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली और आईपीएल में एक ओवर में 36 रन बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। जडेजा ने हर्षल पटेल के ओवर में 5 छक्के लगाए और एक चौका लगाया। आखिरी ओवर में चेन्नई ने 37 रन बनाकर टीम के स्कोर को 154 से 191 तक पहुंचा दिया।
जडेजा का तूफान
बता दें कि रवींद्र जडेजा को बल्लेबाजी के लिए महेंद्र सिंह धोनी से ऊपर भेजा गया। आखिरी ओवर में जब कप्तान धोनी दूसरे छोर पर थे तो जडेजा ने ओवर की सभी गेंदों का सामना किया और हर गेंद पर करारा प्रहार किया। उनकी तूफानी पारी की बदौलत चेन्नई की टीम ने स्कोर को 191तक पहुंचाया। जडेजा की तारीफ करते हुए डूप्लेसिस ने कहा कि इस सीजन में जडेजा काफी अच्छा खेल रहे हैं, मुझे लगता है कि उनकी बल्लेबाजी में काफी सुधार हुआ है, आखिरी ओवर में जो भी हुआ वह तुक्का नहीं था। प्रैक्टिस सेशन में जडेजा काफी छक्के लगाते हैं।
जडेजा के खिलाफ रहते हैं सतर्क
डूप्लेसिस ने कहा कि मुझे हमेशा लगता है कि जडेजा के विरुद्ध खेलना मुश्किल होता है, वह मैदान में सबसे खतरनाक फील्डर हैं। लिहाजा जब दक्षिण अफ्रीका की टीम भारत के खिलाफ खेलती है तो हम हमेशा जडेजा को लेकर बात करते हैं कि उनके खिलाफ हमे सतर्क रहना है, बाउंड्री पर खड़े जडेजा के खिलाफ दो रन लेना चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि उनके हाथ में तोप है, वह गेंद को गोली की रफ्तार से फेंकते हैं। बता दें कि 5 में से 4 मैच जीतकर चेन्नई सुपर किंग्स की टीम अब अगले पड़ाव के लिए दिल्ली पहुंचेगी जहां वह अपना अगला मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलेंगे।