नई दिल्ली। सोमवार को आईपीएल फिक्सिंग मामले में देश की सर्वोच्च अदालत में मुद्गल कमिटी की रिपोर्ट ने बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन को क्लीन चिट तो देदी लेकिन उसने उनके दामाद मयप्पन और राज कुंद्रा को बैटिंग का दोषी बताया है, वहीं दूसरी ओर मुद्गल कमिटी की रिपोर्ट में किसी खिलाड़ी के नाम का खुलासा नहीं हुआ है। जबकि मुद्गल कमिटी की रिपोर्ट में दोषियों को नंबर के हिसाब से लिखा गया है।
जो रिपोर्ट मीडिया में आयी है उसके हिसाब से गुरूनाथ मयप्पन को एक नंबर, राज कुंद्रा को 11, सुंदर रमन को दो और एन श्रीनिवासन को 13 नंबर दिया गया है। दो से लेकर 10 तक खिलाडियों के नाम हैं। जिसमें दो और तीन नंबर चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाड़ियों के नाम है। तीन नंबर वाले खिलाड़ी को लोग सुरेश रैना के तौर पर अंदाजा लगा रहे हैं हालांकि इस बात के पुख्ता सबूत अभी किसी के पास नहीं है लेकिन सोचने वाली बात है कि टीम इंडिया का एक बड़ा नाम और आईपीएल के महंगे और पॉपुलर चेहरों में से एक सुरेश रैना का नाम इस मकड़जाल में कहां से आया?
रिपोर्ट में नंबर तीन खिलाड़ी को लोग सुरेश रैना कह रहे हैं
इससे पहले शुक्रवार को हुई सुनवाई में न्यायमूर्ति टी. एस. ठाकुर और न्यायमूर्ति एफ. एम. कलिफुल्लाह वाली पीठ ने कहा था कि मुद्गल समिति की जांच में श्रीनिवासन, बीसीसीआई के अधिकारी सुंदर रमन, आईपीएल फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स के सह मालिक राज कुंद्रा और चेन्नई सुपर किंग्स के टीम प्रिंसिपल और श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन सहित कम से कम तीन अन्य खिलाड़ी भी शामिल हैं।
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अभी खिलाड़ियों के नाम की घोषणा नहीं की गई। शुक्रवार को हुई इन तमाम गतिविधियों के बीच बीसीसीआई ने 20 नवंबर को होने वाले अपने वार्षिक आम सभी की बैठक को अगले चार हफ्ते के लिए पुन: टाल दिया था। फिलहाल अब सबको 24 नवंबर का इतंजार है जब इस मामले की दूसरी सुनवाई कोर्ट में होगी।