इस पुस्तक की प्रस्तावना कुंबले के लंबे समय तक साथी रहे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने लिखी हैं। कुंबले ने अपनी इस पुस्तक के बारे में लिखा है, "जब तक मैं टीम में हूं, किसी की निजता सुरक्षित नहीं।"
कुंबले की इस पुस्तक का लोकार्पण आस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वार्न ने किया। इस अवसर पर वार्न ने कुंबले के साथ अपने दीर्घकालिक संबंधों के बारे में विस्तार से बताया।
वार्न ने कहा, "कुंबले एक सभ्य और जबरदस्त तौर पर प्रतिस्पर्धी इंसान का शानदार मिश्रण हैं। वह क्रिकेट जगत के नगीने हैं।"
कुंबले ने अपनी पुस्तक में अपने दो दशक से भी अधिक लंबे क्रिकेट जीवन की कई बारीकियां पेश की हैं। इस पुस्तक में उनके साथ खेलने वाले खिलाड़ियों की बेहद खास तस्वीरें हैं।
भारतीय क्रिकेट के इतिहास के लिहाज से भी यह पुस्तक बेहद खास बन जाती है क्योंकि इसमें एक ऐसे खिलाड़ी ने अपनी और सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वी.वी.एस. लक्ष्मण सहित अपने कई ऐसे साथियों की यादों को संजोया है, जो आधुनिक भारतीय क्रिकेट में मील का पत्थर स्थापित करने में सफल रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।