हूपर का यह बयान सीजीएफ के अध्यक्ष माइकल फेनेल के बयान से ठीक विपरीत है। फेनेल ने अभी एक दिन पहले ही कहा था कि वह गड़बड़ियों के लिए सामूहिक रूप से जिम्मेदार हैं।
टीवीएनजेड ने हूपर के हवाले से कहा, "हम भारत सरकार, दिल्ली सरकार व खेल परिसर मुहैया कराने वाली एजेंसियों की दया पर निर्भर हैं। ये सभी एजेंसियां निर्धारित समयसीमा पर खरा नहीं उतर पाई हैं।"
हूपर ने कहा, "अब हम सभी कामों को पूरा करने को लेकर बहुत सक्रिय और बहुत सख्त हो गए हैं। वास्तविक आयोजन स्थलों को प्रभावी रूप से नहीं सौंपा गया था। मैं सौंपे जाने की यह बात स्थलों को पूर्णता प्रमाण पत्र और कब्जा प्रमाण पत्र प्राप्त होने के संदर्भ में कह रहा हूं।"
हूपर ने कहा कि मार्च महीने तक खेल गांव में भारी काम लंबित पड़ा हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।