नई दिल्ली। आईपीएल सीजन-12 का अभी आधा समय भी नहीं गुजरा कि मैदान पर ऐसी घटटनाएं देखने को मिल रही हैं जिसने दर्शकों को हैरानी में डाल दिया है। वीरवार हुए सीजन के 25वें मुकाबले में महेंद्र सिंह धोनी का उस समय गुस्सा देखने को मिला जब उनका मैच राजस्थान राॅयल्स के खिलाफ फंसा हुआ था। अंपायर द्वारा स्पष्ट रूप से नो बाॅल नहीं देने पर धोनी भड़कते हुए सीधा डगआउट से उठकर मैदान में आ गए। उनकी इस हरकत पर राजस्थान के तेज गेंदबाज जोस बटलर ने नाराजगी जाहिर करते हुए बड़ा बयान दिया।
मैच के बाद धोनी का बचाव करने में कई आगे आने लगे तो कईयों ने इनकी आलोचना की। इस बीच बटलर ने कहा कि धोनी ने मैच के दौरान जो किया वो शायद सही नहीं था। बटलर ने कहा, "मुझे यकिन नहीं है कि ऐसा करना सही है या नहीं। जाहिर तौर पर आईपीएल में तनाव ज्यादा चल रहा है और हर रन मायने रखता है। हां ये खेल का बड़ा क्षण था लेकिन क्या पिच पर कदम रखना काफी सही है? शायद नहीं।" उधर, चेन्नई के कोच स्टीफन फ्लेमिंग झोनी का बचाव करते हुए नजर आए थे।
इस कारण धोनी गए थे मैदान में
चेन्नई की पारी के आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर अंपायर उल्हास गांधे ने स्टोक्स की फुल टॉस गेंद को बीमर मानकर नो बॉल दिया लेकिन तुंरत ही अपना फैसला बदल लिया। इसके बाद रविंद्र जडेजा ने अंपायर के फैसले पर नाराजगी जाहिर करना शुर कर दिया। डगआउट में बैठे धोनी भी अंपायर के फैसले से हैरान हुए। तभी वह गुस्से में आकर अंपायर से बात करने के लिए मैदान पर आ गए। इस दाैरान धोनी अंपायर की ओर उंगली करते भी दिखे तथा दोनों मैदानी अम्पायरों से बहस भी की, लेकिन दोनों अम्पायर अपने फैसले पर कायम रहे और चेन्नई को नो बॉल नहीं मिली।