नई दिल्ली। फाफ डू प्लेसिस ने इसी साल के फरवरी महीने में ही साउथ अफ्रीका क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ दी थी। इसके बाद बोर्ड ने क्विंटन डि कॉक को वनडे और टी-20 की कप्तानी क्विंटन डि कॉक को साैंप दी लेकिन टेस्ट की कप्तानी काैन करेगा, इसका फैसला अभी तक नहीं लिया गया। वहीं उनके स्पिन गेंदबाद केशव महाराज चाहते हैं कि वो टेस्ट टीम का कप्तान बनें। सिर्फ टेस्ट का ही नहीं बल्कि सभी फाॅर्मेट का भी।
30 टेस्ट में 100 विकेट ले चुके महाराज ने इएसपीएन से बात करते हुए कहा कि उनका सपना है कि वो अफ्रीकी टीम की कप्तानी संभालें। उन्होंने कहा, "बहुत ज्यादा लोगों को इस बारे में नहीं पता है, लेकिन जो लोग मेरे करीब हैं उन्हें यह बात पता है। मैं दक्षिण अफ्रीकी टीम को तीनों फॉर्मेट में लीड करना चाहता हूं।" महाराज ने यह भी कहा कि वह लीडर के तौर पर विश्वकप खिताब उठाना चाहते हैं। भले हीअफ्रीकी टीम की कप्तानी करना महाराज के लिए बड़ा सपना लग रहा है, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनके पास कप्तानी करने का अनुभव है।
केशव ने अपनी फ्रेंचाइजी डॉल्फिन की कप्तानी की है और पिछले सीजन उन्होंने अपनी टीम को वनडे कप का टूर्नामेंट भी जितवाया था। उनकी टीम ने 10 में से सात मैच जीते थे और अंक तालिका में पहले स्थान पर रही थी। महाराज ने डॉल्फिन के लिए सबसे ज़्यादा विकेट लिए थे और उसी की बदौलत 18 महीनों बाद उनकी नेशनल वनडे टीम में वापसी हुई थी। इसके पहले उन्होंने 2017 में इंग्लैंड में दो और 2018 में श्रीलंका में दो वनडे खेले थे।
इमरान ताहिर के संन्यास लेने के बाद सात वनडे में सात विकेट ले चुके महाराज के पास खुद को वनडे टीम में स्थापित करने का मौका है और उन्हें सिलेक्टर्स ने भी संकेत दे दिए हैं। महाराज ने खुद बताया है कि उनसे बल्लेबाजी पर मेहनत करने को कहा गया है। उन्होंने पिछले साल भारत में बेहतरीन टेस्ट अर्धशतक लगाया था और उन्हें ऑलराउंड क्षमता वाला खिलाड़ी माना जाता है। 2016 में टेस्ट डेब्यू करने से पहले महाराज ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में दो शतक और सात अर्धशतक लगाए थे। महाराज ने कहा, "मैं अपनी बल्लेबाजी पर काम करना चाहता हूं और खुद को ऑलराउंडर के तौर पर स्थापित करना चाहता हूं।"