नई दिल्ली। महेंद्र सिंह धोनी के टेस्ट क्रिकेट से सन्यास लेने के बाद टीम इंडिया के कप्तान चुने गये विराट कोहली अब अपने गर्म मिजाज रवैये में बदलाव करने से इनकार कर दिया है। कोहली ने कहा कि वह अपनी भावनाओं पर काबू रखना सीखेंगे लेकिन अपने आक्रामक मिजाज को नहीं बदलेंगे।[जब धोनी से दिल्ली की सड़कों पर कार रेस हुई कोहली की]
हाल ही में दिये अपने साक्षात्कार में कोहली ने कहा कि जब आप अपनी गुस्से को मैदान पर दिखाते हैं तो विरोधी टीम इसका फायदा उठाती है। ऐसे में भावनाओं पर काबू रखना काफी अहम और मैं इसे बेहतर समझता हूं।साथ ही कोहली ने कहा बतौर कप्तान धोनी मेरे लिए बेहतरीन उदाहरण हैं जो अपनी हावभाव पर हमेशा संतुलन रखते हैं।
टेस्ट टीम की कमान सौंपे जाने के बाद जब टीम की कमान संभाल रहे होते हैं तो आपके चेहरे के हाव-भाव काफी संतुलित रहने चाहिए ताकि विरोधी टीम को आपके बारे में पता नहीं चले। बतौर कप्तान यह काफी अहम होता है जिसे मैं अपने अंदर लाना चाहता हूं।
कोहली बांग्लादेश दौर पर होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच में टीम इंडिया की अगुवाई करेंगे। बांग्लादेश सीरीज के बारे में कोहली ने कहा कि एक या दो मैच के बाद खिलाड़ियों की तुलना अन्य महान खिलाड़ियों से नहीं की जा सकती है। ऐसा भी होता है कि जब आप बतौर खिलाड़ी दो या तीन मैचों में विफल हो जाते हैं फिर भी आपकी तारीफ की जाती है।
कोहली ने कहा कि किसी की तुलना नहीं करनी चाहिए और मैं और से अलग हूं। वहीं कोहली ने कहा कि मैं किसी के कहने या किसी की वजह से खुद को बदल नहीं सकता हूं। मुझे बतौर कप्तान और खिलाड़ी कुछ चीजों को ठीक करने की जरूरत है ताकि मैं टीम को बेहतर मुकाम हासिल करा सकूं। मैं बतौर कप्तान भी हमेशा आक्रमक रहुंगा।