नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच 5 टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला आज एजबेस्टन मैदान पर शुरू हुआ । इस मुकाबले में इंग्लैंड की टीम ने पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। वहीं इस मैदान पर उतरते ही मेजबान देश इंग्लैंड के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड जुड़ गया है। दरअसल भारत के खिलाफ मैदान पर उतरते ही इंग्लैंड एक हजार टेस्ट मैच खेलने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई। इस बेहद अहम मुकाबले से पहले माना जा रहा था कि भारतीय टीम के लिए गेंदबाजी में कुलदीप यादव और बल्लेबाजी में चेतेश्वर पुजारा बेहद अहम भूमिका निभा सकते हैं लेकिन इन दोनो ही खिलाड़ियों को इस पहले टेस्ट में मौका नहीं दिया गया जिसकी वजह ये है।
कुलदीप को शामिल न करने की ये है वजहः गौरतलब हो कि भारत के प्लेइंग इलेवन में केवल 1 स्पिनर को जगह मिली, वह भी अनुभवी रविचंद्रन अश्विन को। अब सीमित ओवर की क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद सभी को उम्मीद थी कि उन्हें पहले टेस्ट में मौका मिलेगा, खुद कुलदीप ने कह दिया था कि उन्हें भी पहले टेस्ट में मौका मिलना चाहिए। दरअसल बर्मिंघम में इस समय थोड़ी ठंड है और पिछले कुछ समय से वहां पर लगातार बारिश भी हो रही थी। जिस वजह से पिच पर थोड़ी नमी मौजूद थी। अब इस नमी का फायदा भारतीय तेज गेंदबाजों को मिल सकता है इसलिए टीम मैनेजमेंट ने दूसरा स्पिनर ना खिला कर तीन तेज गेंदबाज ( उमेश यादव, इशांत शर्मा और मोहम्मद शमी) और ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को मौका दिया।
चेतेश्वर पुजारा इसलिए नहीं हुए शामिलः दरअसल पिछले कुछ समय से पुजारा का बल्ला उनसे रूठा हुआ था। इंटरनेशनल क्रिकेट हो या इंग्लैंड में खेला काउंटी सीजन, ये खिलाड़ी हर जगह अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहा। एसेक्स के खिलाफ अभ्यास मैच में भी पुजारा बुरी तरह फेल रहे थे।अगर काउंटी क्रिकेट की बात करें तो यॉर्कशायर की तरफ से खेलते हुए उन्होंने 8 पारियों में 12.5 की औसत से 100 रन बनाए हैं। आपको ताज्जुब होगा कि उनका प्रदर्शन इतना खराब रहा कि इशांत शर्मा ने उनसे ज्यादा रन बना दिए थे। इस वजह से शायद टीम मैनेजमेट ने उन्हें टीम में मौका नहीं दिया।