वरिष्ठ वकील सी. ए. सुंदरम ने सोमवार को न्यायालय से कहा कि आरसीए चुनाव परिणाम घोषित किए जाने से पहले न्यायालय को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का पक्ष सुनना चाहिए, जिसके बाद न्यायमूर्ति अनिल आर. दवे और न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर की पीठ ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।
न्यायालय द्वारा अपनी बात दोहराए जाने पर कि क्या बीसीसीआई को लगता है कि मोदी इतने ताकतवर हैं कि वह चुनाव जीत जाएंगे, बीसीसीआई के वकील सुंदरम ने कहा कि यही जमीनी हकीकत है।
न्यायालय ने कहा कि आरसीए चुनाव परिणामों वाला लिफाफा खोला जाना चाहिए, तथा यदि मोदी हार जाते हैं तो बीसीसीआई का दावा स्वत: की ध्वस्त हो जाएगा। इस पर सुंदरम ने कहा कि एक ऐसा व्यक्ति जो वित्तीय अनियमितता में संलिप्त पाया गया हो तथा बीसीसीआई द्वारा आजीवन प्रतिबंधित कर दिया गया हो, किसी खेल संघ का सामान्य सदस्य भी नहीं बन सकता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।