
दोनों टीमों के बीच मैच लोगों को बांटता है
यहां देखने वाली बात यह होगी कि दोनों ही टीमों के खिलाड़ी एक बार फिर से एक-दूसरे से नहीं भिड़ें, जैसा की पहले कई बार हो चुका है। इंजमाम उल हक ने जिस तरह से 1997 के मैच के दौरान आलू कहे जाने पर एक दर्शक की पिटाई कर दी थी, उसके बाद हर्षा भोगले ने कहा था कि भारत-पाकिस्तान के बीच मैच लोगों को एकजुट करने की बजाए बांटने का काम करता है। बहरहाल कल होने वाले बड़े मुकाबले से पहले आईए डालते हैं भारत पाकिस्तान के बीच हुई 6 दिलचस्प विवादित घटनाओं पर जब खिलाड़ियों ने आपा खो दिया।

अफरीदी-गंभीर के बीच जबरदस्त गाली-गलौज
भारत-पाकिस्तान के बीच 2007 के में खेले गए मैच का माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया था जब गौतम गंभीर और शाहिद अफरीदी एक दूसरे से भिड़ गए थे। दरअसल जब गंभीर ने अफरीदी की गेंद पर चार रन लगाए तो उन्होंने अफरीदी को कुछ कमेंट किया, अगली ही गेंद पर जब गंभीर रन ले रहे थे अफरीदी गंभीर से टकरा गए, जिसके बाद दोनों के बीच बात गाली-गलौज तक पहुंच गई, हालांकि अंपायर ने बीच में आकर दोनों ही खिलाड़ियों को अलग किया और विवाद को रोकने की कोशिश की।

एशिया कप में गभीर-कामरान अकमल भिड़े
2010 में एशिया कप के दौरान जब भारत पाकिस्तान एक दूसरे के सामने थे तो गौतम गंभीर और कामरान अकमल के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। दरअसल इस मैच के दौरान जब कामरान अकमल गौतम गंभीर के खिलाफ बार-बार अपील कर रहे थे तो गंभीर नाराज हो गए। दरअसल अंपायर ने जब नॉट आउट का फैसला दिया तो दोनों के बीच तनाव बढ़ गया और ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान दोनों में तीखी बहस हुई, आलम यह हुआ की दोनों ही खिलाड़ी एक दूसरे के बेहद करीब आकर नोंकझोंक करने लगे, तभी अंपायर बिली बाउडेन ने दोनों को अलग किया और धोनी गंभीर को अलग ले गए।

किरन मोरे को उछल-उछलकर चिढ़ाते मियादाद
4 मार्च 19992 के विश्वकप का वो मैच कौन भूल सकता है जिसमें जावेद मियादाद और किरन मोरे के बीच नोंकझोंक हुई थी। इस मैच में जब सचिन तेंदुलकर गेंदबाजी करने आए तो जावेद ने उन्हें रोका और अपना हाथ कमर पर रखकर खड़े हो गए विकेट कीपिंग कर रहे किरन मोरे से बात करने लगे। मियादाद ने अंपायर से इस बात की आपत्ति जताई की जब वह बल्लेबाजी करने हैं तो वह पीछे से कमेंट पास करते हैं। लेकिन जब अगली ही गेंद पर मियादाद रन दौड़़ते हैं औऱ किरन मोरे गेंद उन्हें रन आउट करने की कोशिश करते हैं तभी उन्हें नॉटआउट करार दिया जाता है और किरन मोरे मैदान में बंदर की तरह उछलने लगते हैं, जिसे देखकर हर कोई हंसने लगा। दरअसल मियादाद किरन मोरे की नकल करने की कोशिश कर रहे थे और उन्हें चिढ़ाने की कोशिश कर रहे थे।

वेंकटेश प्रसाद का आमिर सोहेल को जवाब
1996 के विश्वकप में भारत -पाकिस्तान एक दूसरे के सामने थे। इस मैच में वेंकटेश प्रसाद टीम इंडिया की तेज गेंदबाजी की कमान संभालते थे। बेंगलुरू में दोनों टीम का आमना-सामना था, इस मैच में वेंकटेश प्रसाद और आमिर सोहेल के बीच की भिड़ंत लोग आज भी याद करते हैं। भारत के 287 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम और इस दौरान जब आमिर सोहेल बल्लेबाजी कर रहे थे तो उन्होंने वेंकटेश प्रसाद की गेंद पर चौका लगाने के बाद उन्हें बल्ले से सीमा रेखा की ओर इशारा किया। लेकिन अगली ही गेंद पर जब वेंकटेश प्रसाद ने सोहैल को क्लीन बोल्ड किया और उनका मिडल स्टंप उखाड़ दिया तो अब बारी थी प्रसाद के जवाब देने की और उन्होंने सोहेल को बेहद ही गुस्से में कहा कि घर जाओ।

बाप-बाप होता है, बेटा बेटा
29 मार्च 2004 मुल्तान में भारत पाकिस्तान के बीच मैच के दौरान जब वीरेंद्र सहवाग 290 रन के स्कोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे तो उनके साथ दूसरे छोर पर सचिन तेंदुलकर बल्लेबाजी कर रहे थे। उस दौरान शोएब अख्तर गेंदबाजी कर रहे थे। इस दौरान वह बार-बार सहवाग से कह रहे थे कि हुक मार के दिखा। लेकिन सहवाग ने अख्तर से कहा कि वो सामने तेरा बाप खड़ा है उसको बोल हुक मारके दिखा। जिसके बाद अख्तर ने अगली गेंद बाउंसर डाली और सचिन ने उस गेंद को छह रन के लिए मैदान से बार भेज दिया। लेकिन अब बारी सहवाग की थी जवाब देने की, उन्होंने कहा कि बाप-बाप होता है और बेटा बेटा होता है। इस मैच में सहवाग ने 309 रन बनाए थे और जबकि सचिन 194 रन के स्कोर पर नाबाद लौटे थे।

आलू कहने पर हक ने खोया आपा
भारत पाकिस्तान के बीच 1997 में सहारा कप के दौरान इंजमाम उल हक ने क्रिकेट के मैदान पर एक घटना को अंजाम दिया जिसे लेकर उन्हें आलू तक कहा जाना लगा। यह मैच कनाडा के टोरंटो में खेला जा रहा था, इस मैच में इंजमाम जब बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर उतरे तो उन्होंने मैदान में एक दर्शक को पीट दिया था। दरअसल दर्शक दीर्घा में एक व्यक्ति लगातार उन्हें आलू-आलू कहकर पुकार रहा था और हक ने आपा खो दिया। इस वाकये को याद करते हुए खुद सौरव गांगुली ने कहा कि इंजमाम बेहद शांत स्वभाव के इंसान हैं, लेकिन एक व्यक्ति उन्हें लगातार माइक्रोफोन स्पीकर पर उन्हें आलू-आलू कहता था, जिसके चलते उन्होंने आपा खो दिया था।


Click it and Unblock the Notifications