नई दिल्ली। महेन्द्र सिंह धोनी ने अचानक कप्तानी छोड़कर हर किसी को हैरान कर दिया है, यहां तक कि उनके इस बड़े फैसले के बारे में खुद उनकी पत्नी साक्षी रावत को भी बाद में पता चला था। धोनी के इस चौंकाने वाले फैसले पर अब सवालिया निशान लगने लगे हैं।
मीडिया सूत्रों के मुताबिक धोनी पर कप्तानी छोड़ने का दवाब बनाया गया था जिसके कारण टीम इंडिया के कैप्टन कूल ने अचानक से इतना बड़ा फैसला ले लिया। जिस दिन धोनी ने इतना महत्वपूर्ण निर्णय लिया उस दिन कुछ ऐसा घटित हुआ था जिसके बाद ये सवाल उठ रहा है कि धोनी ने मन से ये फैसला नहीं किया है। समाचार पत्र हिन्दुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक सूत्रों के हवाले से ये खबर सामने आई है कि बोर्ड ने धोनी की जगह विराट कोहली की वनडे और टी20 में ताजपोशी करने के लिए धोनी को अपना पद छोड़ने के लिए कहा था।
बीसीसीआई चीफ सेलेक्टर्स एमएसके प्रसाद ने की थी धोनी से मुलाकात
आपको बता दें कि 4 जनवरी को बीसीसीआई चीफ सेलेक्टर्स एमएसके प्रसाद ने नागपुर में झारखंड और गुजरात के मुकाबले के दौरान एमएस धोनी से मुलाकात की थी और उसी शाम धोनी ने कप्तानी से इस्तीफा दे दिया, उन्होंने जो मेल बीसीसीआई को किया है उसमें साफ तौर पर धोनी ने लिखा है कि मैं इस्तीफे की पेशकश करता हूं और विराट का मेंटर बनने के लिए तैयार हूं।
टीम इंडिया ने कोहली की कप्तानी में विराट प्रदर्शन किया
इसके पीछे कारण ये भी कहा जा रहा है कि टेस्ट मैचों में जिस तरह से टीम इंडिया ने विराट कोहली की कप्तानी में शानदार प्रदर्शन किया है, उसने बोर्ड के अंदर उन्हें तीनो फार्मेट में कैप्टन बनाए जाने की आवाज को तेज कर दिया था, अब टीम की तैयारी साल 2019 के विश्वकप के मद्देनजर होने जा रही है ऐसे में धोनी जैसे वरिष्ठ क्रिकेटर के कंधों पर ये जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए और इसी वजह से धोनी पर कैप्टन सीट छोड़ने का दवाब बनाया जा रहा था और ये दवाब सितंबर 21 को नई चयन समिति बनने के साथ ही शुरू हो गया था।
साल 2019 के लिए धोनी ने लिया कड़ा फैसला!
यही नहीं पिछले कुछ वक्त से उनकी कप्तानी में टीम ने अच्छा प्रदर्शन भी नहीं किया, जिसके कारण वो आलोचनाओं के घेरे में भी रहे और उनका खेल भी प्रभावित हो रहा था। ऐसे में अगर वो साल 2019 का विश्वकप खेलना चाहते थे तो उनके पास एक ही विकल्प था कि वो टीम का नेतृत्व छोड़े और इसी वजह से उन्होंने अचानक ये फैसला ले लिया क्योंकि टीम इंडिया में बतौर बैटसमैन काफी लोग उन्हें रिप्लेस करने को तैयार है, ऐसे में धोनी को खुद के खेल पर ध्यान देने की काफी जरूरत है इस कारण माही ने कड़ा फैसला ले लिया क्योंकि शायद अगर वो खुद फैसला नहीं लेते तो मजबूरी में बोर्ड को उनके लिए फैसला लेना पड़ता।