नई दिल्ली। कई भारतीय क्रिकेटर्स इस बात को दोहरा चुके हैं कि उन्हें अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद भी माैका नहीं मिलता। अगर मिलता है तो फिर कुछ ही मैचों के बाद उसे बाहर कर दिया जाता है। चयन समिति पर सवाल उठना कई नई बात नहीं है। चयनकर्ता कई बार उस समय चाैंका देते हैं जब उस खिलाड़ी को माैका दे दिया जाता है जो आईपीएल या घरेलू में सिर्फ कुछ ही मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर ट्रेंड कर रहा हो। वहीं कई ऐसे खिलाड़ी भी रहे जिन्होंने खूब पसीना तो बहाया लेकिन माैका ज्यादा बार ना पाया। भारत के लिए 12 वनडे और 3 टी20 मैच खेलने वाले क्रिकेटर मनोज तिवारी ने एक बड़ी मांग कर डाली है। जिससे यह सवाल खड़े होते हैं कि क्या सिलेक्शन के दाैरान पारदर्शिता नहीं है।
मनोज तिवारी ने कहा कि चयन समिति को पारदर्शी करने के लिए चयनकर्ताओं की बैठक का लाइव प्रसारण होना चाहिए ताकि चयन समिति के बारे में जानने का मौका मिलेगा कि आखिर उनकी सोच क्या है और कैसे किसी खिलाड़ी का चयन किया जाता है। उन्होंने एक चैनल पर बात करते हुए कहा, 'टीम का चयन टीवी पर लाइव आना चाहिए, जिससे हम कोई देख सके कि कौन सा सेलेक्टर किसी खिलाड़ी के बारे में क्या कह रहा है। इससे हमें पता चलेगा कि खिलाड़ी का चयन सही था या नहीं। हम जब भी चयनकर्ताओं से पूछते हैं कि हमें टीम में नहीं चुना गया तो वो एक-दूसरे पर दोष मढ़ते रहते हैंय़ इसलिए चीजें साफ करने के लिए चयनकर्ताओं की बैठक लाइव होनी चाहिए।'
मनोज ने आगे कहा कि चयनकर्ताओं को बाहर किए गए खिलाड़ियों से भी बात करनी चाहिए। तिवारी ने कहा, 'अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो आपको दिक्कतें होंगी। खिलाड़ी आपके ऊपर कई सवाल उठाएंगे। पिछले कुछ सालों में हमने कई ऐसे खिलाड़ी जैसे मुरली विजय, करुण नायर, श्रेयस अय्यर को कहते सुना है कि उन्हें टीम से बाहर करने से पहले किसी सेलेक्टर ने बात नहीं की।'