नई दिल्ली। कॉमिक बुक में तो हम सबने बैटमैन के बारे में देखा, पढ़ा, समझा और जाना है लेकिन असल जिंदगी में भी एक बैटमैन है जिसकी इन दिनों चर्चा आम है। दरअसल आईपीएल की शुरुआत ने क्रिकेट में एक नया रोमांच ला दिया है। लंबे-लंबे छक्के और चौके इस मैच की खासियत हो गए हैं। कम गेंद पर ज्यादा रन बनाना हो या फिर अंतिम ओवर में छक्का मारकर मैच खतम करने की बात आईपीएल में रोजाना ये देखने को मिलता है, लेकिन दिलचस्प बात है की बल्लेबाज को अगर अपने बल्ले को ठीक करवाना होता है तो बैटमैन से संपर्क करते हैं। ये बैटमैन किताबों वाली दुनिया के नहीं बल्कि असल जिंदगी के बैटमैन है जिनका असली नाम है असलम चौधरी, जो मुंबई के रहने वाले हैं। 65 साल के असलम साउथ मुंबई में एक बैट रिपेयरिंग वर्कशॉप चलाते हैं। इस दुकान की शुरुआत इनके पिता ने 1920 में ही की थी।
बड़े-बड़े दिग्गजों का बल्ला किया है सहीः खिलाड़ी कोई भी हो जब वह मैदान में शानदार प्रदर्शन करता है तो हम सभी उसकी तारीफ करते हैं, लेकिन उनकी इस आतिशी इनिंग में असलम जैसे किरदारों का भी बड़ा हाथ होता है। असलम बतातें हैं की उन्होंने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से लेकर क्रिस गेल तक का बल्ला रिपेयर किया है। सबसे दिलचस्प बात है की मशीनीकरण के इस युग में आज भी असलम हाथ से बल्ले की रिपेयरिंग करते हैं। उऩके बैटमैन के नाम के पीछे भी एक बड़ी रोचक बात है जो है की उनके बिजनेस कार्ड के पर बैट के पंखों के तरह दो बल्ले बने हुए हैं इसलिए लोगो उन्हें बैटमैन के नाम से जानते हैं। असलम बताते हैं की खिलाड़ियों के पास ज्यादा दिन का समय नहीं होता है उन्हें अगले ही दिन निकलना होता है ऐसे में कई बार खिलाड़ी उन्हें फोन से संपर्क करते हैं। उन्होंने बताया की कोहली और धोनी का भी बल्ला वो ठीक कर चुके हैं।
जब लसिथ मलिंगा पहुंचे थेः असलम बताते हैं की खिलाड़ी दुकान पर नहीं आते हैं क्योंकि फिर उनके प्रशंसक उन्हें घेर लेते हैं और जाने नहीं देते लेकिन एक बार यह गलती लसिथ मलिंगा ने कर दी थी जिससे उनकी दुकान के बाहर भीड़ जमा हो गई थी। उन्हें घंटो वहां रुकना पड़ा और पुलिस के आने के बाद उन्हें बाहर निकाला जा सका। असलम का कहना है की इस काम में अब थोड़ी दिक्कत आती है क्योंकि ढलती उम्र में इतनी मेहनत कर पाना आसान नीं होता है क्योंकि लकड़ी को आकार देना बड़ी मेहनत का काम है।