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धोनी क्यों है वनडे के सबसे 'बेस्ट' कप्तान, माइकल वाॅन ने बताए 4 कारण

नई दिल्ली। महेंद्र सिंह धोनी वो नाम है जिसने ना केवल भारतीय क्रिकेट में बल्कि अपनी काबिलियत के दम पर दुनियाभर में अपनी गहरी पहचान बनाई। इसमें कोई शक नहीं कि उन्होंने कप्तानी के अलावा विकेटकीपिंग में भी जो उपलब्धियां हासिल की हैं वो किसी अन्य खिलाड़ी के लिए हासिल करना आसान नहीं। यही कारण है कि हर कोई धोनी की तारीफ किए बिना नहीं रह सकता। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन भी धोनी की अद्भुत कप्तानी के कायल रहे हैं। उन्होंने एक बेवसाइट को दिए इंटरव्यू के दाैरान वो 4 कारण बताए जो धोनी को वनडे का बेस्ट कप्तान साबित करते हैं।

बताए 4 कारण

बताए 4 कारण

वॉन ने टाइम्स ऑफ इंडिया को एक खास इंटरव्यू के दाैरान बताया कि वह बेस्ट वनडे, टी20 कप्तान किसे मानते हैं? इसके जवाब में उन्होंने धोनी का नाम लिया है। वाॅन ने 4 कारण बताते हुए कहा कि अब धोनी इंटरनैशनल कप्तानी नहीं कर रहे हैं। लेकिन हमारे दौर में, जिन्हें मैंने कप्तानी करते हुए देखा है धोनी उन सबमें बेस्ट कैप्टन हैं। उन्होंने पहला कारण बताते हुए कहा कि स्टंप्स के पीछे खड़े होकर जिस अंदाज में वह चीजों को आंकते हैं और अपनी रणनीति बनाते हैं, वह शानदार है। वहीं दूसरा कारण है कि वह खेल को बखूबी पढ़ लेते हैं और तीसरा ये कि वोआउट ऑफ द बॉक्स होकर सोचते हैं। वहीं चाैथा कारण यह बताया कि धोनी जिस ढंग से दबाव के क्षणों को संभालते हैं और फिर बैट से भी उम्दा प्रदर्शन करते हैं। वह सब लाजवाब है।

धोनी ऐसा करने वाले इकलाैते कप्तान

धोनी ऐसा करने वाले इकलाैते कप्तान

धोनी दुनिया के एकमात्र कप्तान हैं, जिन्होंने अपनी टीम को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा आयोजित तीनों बड़े टूर्नामेंटों में खिताब दिलवाया। धोनी ने भारतीय टीम को वहां पहुंचाने में बेहद अहम योगदान दिया, जहां भारतीय क्रिकेट प्रेमी हमेशा से उसे देखना चाहते थे। धोनी के नेतृत्व में ही टीम इंडिया वर्ष 2009 में टेस्ट क्रिकेट में नंबर एक के दर्जे तक पहुंची। धोनी की ही कप्तानी में टीम ने वर्ष 2007 में पहला टी-20 इंटरनेशनल वर्ल्ड कप जीता, वह भी फाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर, उस समय भी धोनी ही कप्तान थे, जब भारतीय टीम ने वर्ष 2013 में चैम्पियन्स ट्रॉफी अपने नाम की और उस वक्त भी टीम की कमान धोनी के ही हाथ में थी, जब वर्ष 2011 में भारत ने 50 ओवरों वाले फॉर्मेट का खिताब दिलाया।

स्टोक्स-स्मिथ पर भी बोले

स्टोक्स-स्मिथ पर भी बोले

वाॅन ने बेन स्टोक्स और स्टीव स्मिथ पर भी बयान दिया। ये दोनों क्रिकेटर विवादों में रहे। इनपर वाॅन का कहना है कि इन दो विशेष क्रिकेटरों से बड़ी गलतियां हुई थीं, मुझे विश्वास है कि अपनी गलतियों पर दोनों को पछतावा हुआ। जीवन में हमें इस सच को स्वीकार करना चाहिए कि युवा लोगों गलतियां हो सकती हैं। लेकिन सीख यही है कि कैसे कोई लड़कर वापसी करता है। बेन ने यह कर के दिखाया है कि जिस ढंग से उन्होंने टीम में वापसी की है, वह अपना सिर गर्व से ऊंचा रख सकता है। उन्होंने किसी भी दूसरे खिलाड़ी से ज्यादा मेहनत की है। वह एक शानदार टीम खिलाड़ी हैं। ड्रेसिंग रूम में वह बहुत सकारात्मक खिलाड़ी हैं। वह ऐसा व्यक्ति बनना चाहते हैं, जो दूसरों से अलग दिखता है। जो वह कर रहे हैं एक उच्च गुणवत्ता वाला ऑलराउंडर खिलाड़ी यही करता है। उनकी यही मानसिकता होती है कि वह लक्ष्य के आसपास ही रहें और यह कोई घमंड वाली चीज नहीं हैं।

Story first published: Wednesday, October 9, 2019, 13:13 [IST]
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