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कैफ ने किया टीम में वापसी न कर पाने का खुलासा, कहा- धोनी की खातिरदारी करने में हुई चूक

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम में फील्डिंग के स्तर में बदलाव लाने वाले खिलाड़ियों में से एक मोहम्मद कैफ ने साल 2000 में टीम इंडिया के लिये डेब्यू किया था, हालांकि उनका करियर कुछ खास बड़ा नहीं रह सका। साल 2000 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू करने वाले मोहम्मद कैफ ने साल 2006 में इसी टीम के खिलाफ अपना आखिरी अतंर्राष्ट्रीय वनडे मैच खेला था। हालांकि इसके बाद मोहम्मद कैफ भारतीय टीम में वापसी कर पाने में नाकाम रहे।

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साल 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने वनडे करियर का आगाज करने वाले मोहम्मद कैफ नेटवेस्ट सीरीज में भारतीय टीम के जीत के हीरो रहे थे। हालांकि जब लगातार कई सालों तक उन्हें टीम में वापसी करने का मौका नहीं मिल सका तो साल 2018 में उन्होंने घरेलू क्रिकेट समेत क्रिकेट के हर प्रारूप से संन्यास ले लिया और अपने फैन्स को अलविदा कह दिया। संन्यास लेने के 2 साल बाद मोहम्मद कैफ ने पहली बार टीम में अपनी वापसी न कर पाने को लेकर कुछ बोला है।

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धोनी की खातिरदारी में रह गई कमी

धोनी की खातिरदारी में रह गई कमी

मोहम्मद कैफ ने स्पोर्टस्क्रीन से बात करते हुए टीम इंडिया में अपनी वापसी न हो पाने के पीछे मजाक करते हुए कहा कि शायद मुझसे एमएस धोनी की खातिरदारी में कुछ कमी रह गई थी जिसके चलते मैं टीम में वापसी नहीं कर सका। इसको लेकर कैफ ने पूरा किस्सा भी बताया।

उन्होंने कहा, 'मैंने साल 2006 में नोएडा स्थित अपने घर पर एक छोटी सी पार्टी रखी थी जिसमें सभी भारतीय क्रिकेटरों को डिनर के लिये आमंत्रित किया था। इस पार्टी में कोच ग्रेग चैपल, कप्तान सौरव गांगुली समेत कई अन्य खिलाड़ी भी मौजूद थे। मैं उस दौरान दादा, सचिन तेंदुलकर जैसे बड़ी हस्तियों की खातिरदारी में पूरी तरह व्यस्त हो गया था जिसके चलते मैं टीम में नये महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना खिलाड़ियों पर उतना अच्छे से ध्यान नहीं दे पाया।'

अक्सर मेजबानी को लेकर चिढ़ाते थे धोनी

अक्सर मेजबानी को लेकर चिढ़ाते थे धोनी

मोहम्मद कैफ ने आगे कहा कि शायद मेरे ध्यान न दे पाने की बात को एमएस धोनी ने महसूस किया होगा कि बतौर मेजबान मैं उन पर ध्यान नहीं दे रहा और उनकी अच्छी से खातिरदारी नहीं कर पाया।

उन्होंने आगे कहा, 'शायद यही वजह थी कि जब 2007 में एमएस धोनी कप्तान बने तो (हंसते हुए) मैं इसके बाद भारतीय टीम में वापसी नहीं कर पाया। वह हमेशा मुझे यह कहते हुए उस बात को याद दिलाते हैं कि एक दिन मैं आपके घर पर आया था और तुमने मेरी देखभाल ठीक से नहीं की थी। हालांकि यह सिर्फ एक मजाक है और सभी जानते हैं कि चोट से उबरने के बाद मैं कभी उस लय में वापस नहीं आ सका था।'

ऐसा रहा है कैफ का करियर

अपने छोटे से करियर के दौरान मोहम्मद कैफ ने भारतीय टीम के लिए 13 टेस्ट मैच और 125 वनडे मैचों में शिरकत की जिसमें 32.84 की औसत से 624 टेस्ट रन बनाये जबकि 32.01 की औसत से 2753 वनडे रन बनाये। इस दौरान मोहम्मद कैफ ने 1 टेस्ट और 2 वनडे शतक लगाये जबकि 17 वनडे और 3 टेस्ट अर्धशतक लगाये।

मोहम्मद कैफ ने इस दौरान अपनी फील्डिंग से टीम में एक खास जगह बनाई थी और वह भारतीय क्रिकेट के सबसे अच्छे फील्डरों में से एक माने जाते है।

Story first published: Tuesday, May 26, 2020, 15:46 [IST]
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