मुम्बई, 12 मार्चः भारतीय पुरुष हॉकी टीम के ओलम्पिक की दौड़ से पहली बार बाहर होने के बाद मुम्बई हॉकी एसोसिएशन (बीएचए) ने टीम के कोच जोआसिस कार्वाल्हो को पूर्व निर्धारित अवार्ड से सम्मानित नहीं करने का निर्णय लिया है.
बीएचए ने इससे पहले भारतीय टीम के अच्छे प्रदर्शन के पुरस्कार स्वरूप कार्वाल्हो को एक लाख 25 हजार रुपए की धनराशि देने का फैसला लिया था मगर हॉकी टीम के इस साल होने वाले पेईचिंग ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाने की वजह से उसने कार्वाल्हो को यह सम्मान देने का इरादा बदल दिया.
गौरतलब है कि रविवार को चिली में खेले गए ओलम्पिक हॉकी क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के फाइनल में इंग्लैंड ने भारत को 2-0 से हराकर पहली बार उसे ओलम्पिक की दौड़ से बाहर कर दिया था.
बीएचए के सचिव केहर सिंह ने यहां कहा कि कार्वाल्हो को पुरस्कार नहीं देने का फैसला उचित है क्योंकि उन्होंने खुद को तथा अपने खिलाड़ियों को एसोसिएशन द्वारा आयोजित किये गए समारोह से दूर रखा. इसके अलावा ओलम्पिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट में भारत के निराशाजनक प्रदर्शन की वजह से भी कार्वाल्हो इस सम्मान के हकदार नहीं रह गए हैं.
भारतीय हॉकी टीम के चिली रवाना होने से पहले एसोसिएशन ने एक समारोह में टीम के सदस्य शिवेन्द्र सिंह, गुरबज सिंह और एड्रियन डिसूजा को एक-एक लाख रुपए तथा कोच कार्वाल्हो को एक लाख 25 हजार रुपए प्रदान करने घोषणा की थी कि मगर ये खिलाड़ी कार्यक्रम में पहुंचे ही नहीं जिससे बीएचए को जिल्लत उठानी पड़ी.