
जाते-जाते भी गुरू नहीं तोड़ सका चेले के ये 4 रिकॉर्ड-
लेकिन यह सभी बातें धोनी के रहस्यमयी अंदाज के सामने हवाई साबित हुई और भारतीय क्रिकेट इतिहास का ये सबसे लाड़ला विकेटकीपर 15 अगस्त की शाम इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह गया।
सुनील गावस्कर ने किया धोनी के अचानक संन्यास लेने के कारणों का खुलासा
अब पंत के सामने रास्ते काफी खुल चुका है और उनके मात्र केएल राहुल और संजू सैमसन जैसे दावेदारों से अपने स्थान की लड़ाई लड़नी है। धोनी ने जीवन भर भले ही पंत का मार्गदर्शन किया लेकिन वे अपने संन्यास तक भी ऐसे चार रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए जो पंत ने थोड़े ही करियर में बना दिए हैं।

1. इंग्लैंड में लगाया था पंत ने शतक
इसमें कोई शक नहीं कि पंत में शानदार प्रतिभा है और इसके गवाह उनके ये चार बड़े टेस्ट रिकॉर्ड भी हैं जो धोनी भी नहीं बना पाए थे। जहां तक टेस्ट फॉर्मेट की बात है तो महेंद्र सिंह धोनी के लिए विदेशों में शतक बनाना हमेशा से एक सपना रहा जिसको पंत ने टेस्ट करियर की शुरुआत में ही हासिल कर लिया। ऋषभ पंत ने अपने पहले विदेशी दौरे में शतक जड़ा, जो इंग्लैंड के कड़े मुकाबले के खिलाफ था। ऋषभ पंत अपना तीसरा टेस्ट मैच खेल रहे थे और उन्होंने मुश्किल सीरीज के अंतिम टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए शानदार शतक बनाया। ऋषभ पंत ने उस मैच में 114 रनों की पारी खेली।

2.ऑस्ट्रेलियाई धरती पर भी है पंत के नाम टेस्ट में शतक-
ऋषभ पंत ने इंग्लैंड में एक शानदार शतक लगाने के बाद, फिर से टीम के लिए ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर शतक लगाया जबकि उस समय कंगारू टीम में मिशेल स्टार्क, जोश हेज़लवुड और पैट कमिंस शामिल थे। दूसरी ओर, एमएस धोनी का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय परिस्थितियों और विदेशों में शानदार प्रदर्शन रहा है लेकिन, यह सफेद गेंद के प्रारूप में हुआ है। लेकिन दुर्भाग्य से लाल गेंद के खेल में ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में माही वैसा कारनामा नहीं दोहरा सके।

3. टेस्ट क्रिकेट में विकेट के पीछे सबसे तेज फिफ्टी
महेंद्र सिंह धोनी की कीपिंग काबिलियत के सामने अभी पंत बच्चे हैं। धोनी ने जहीर खान, अनिल कुंबले, हरभजन सिंह जैसे महान गेंदबाजों को विकेट दिलाने में मदद की। धोनी ने इसके बावजूद टेस्ट प्रारूप में अपने 50 शिकार आउट होने तक पहुंचने के लिए 15 टेस्ट मैच खेले। इस बीच, ऋषभ पंत ने सिर्फ 11 टेस्ट मैचों में 50 आउट करने का रिकॉर्ड बनाया। हालांकि यह गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन है, लेकिन इसमें शक नहीं कि पंत ने अपने करियर की शुरुआत में धोनी की तुलना कहीं तेजी से विकेट के पीछे विकेट चटकाने में भूमिका निभाई।

4. एक सीरीज में सबसे ज्यादा कैच
ऋषभ पंत ने बल्लेबाजी के अलावा विकेटों के पीछे शानदार प्रदर्शन किया है और पूर्व कप्तान के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। यह इस उम्र में पंत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है जो उन्हें भविष्य में और अधिक आत्मविश्वास और लक्ष्य को बढ़ाने में मदद कर सकती है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक टेस्ट सीरीज में 20 कैच पकड़े जो एक भारतीय विकेट-कीपर द्वारा सबसे अधिक कैच पकड़ने का रिकॉर्ड रहा। यह कुछ ऐसा है जो अपने शानदार करियर में धोनी नहीं कर पाए।

वायरस ने बीमार नहीं किया, पर संन्यास दिला गया-
वैसे अगर कोरोनावायरस के चलते सब कुछ उलट-पलट ना हुआ होता तो धोनी शायद ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 वर्ल्ड की तैयारियों में इस समय लगे होते। धोनी अब भी क्रिकेट की तैयारियों में लगे हैं लेकिन यह वर्ल्ड कप के लिए नहीं बल्कि आईपीएल के लिए है जो 19 सितंबर को यूएई में होने जा रहा है। इसी के चलते धोनी चेन्नई सुपर किंग्स के कैम्प में चेन्नई में ही है। चेन्नई से ही धोनी ने अपने संन्यास की घोषणा की। यह घोषणा इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करके हुई।


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