चौथी वरीयता प्राप्त भारत के लिएंडर पेस और चेक गणराज्य के लुकास ड्लोही की जोड़ी दूसरी वरीयता प्राप्त अमरीका की बॉब ब्रायन और माइक ब्रायन की जोड़ी से सीधे सेटों में 6-3 और 6-3 से मैच हार गए.
लेकिन भारत की उम्मीदें डबल्स मुक़ाबले में ख़त्म नहीं हुई हैं. भारत के ही महेश भूपति और मार्क नोल्स की जोड़ी ने फ़ाइनल में जगह बना ली है.
भूपति और नोल्स ने ऑस्ट्रिया के ओलिवर मराख़ और पोलैंड के वूकाश कूबोट की जोड़ी को सीधे सेटों में 6-3 और 6-1 से मात दी.
ख़राब खेल
दूसरे सेमी फ़ाइनल में पेस और ड्लोही का मुक़ाबला था दूसरी वरीयता प्राप्त अमरीका की जोड़ी बॉब ब्रायन और माइक ब्रायन की जोड़ी से.
भूपति और नोल्स ने फ़ाइनल में जगह बनाई
लेकिन पेस और ड्लोही शुरू से ही अपने रंग में नहीं नज़र आए. दोनों काफ़ी ग़लतियाँ कर रहे थे. बॉब ब्रायन और माइक ब्रायन ने इसका फ़ायदा उठाते हुए पहले सेट में उन्हें 6-3 से मात दे दी.
लगा कि दूसरे सेट में पेस और ड्लोही ब्रायन बंधुओं को कड़ी टक्कर देंगे. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. पेस और ड्लोही ग़लतियाँ करते रहे.
अनुभवी माइक और बॉब ब्रायन ने अपना दम दिखाया और दूसरा सेट भी 6-3 से जीतकर इस साल के पहली ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिता के फ़ाइनल में जगह बनाई.
अब फ़ाइनल में माइक और बॉब ब्रायन का मुक़ाबला तीसरी वरीयता प्राप्त महेश भूपति और मार्क नोल्स की जोड़ी से होगा.