नई दिल्ली। आस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में हुए पांच वनडे मैचों की सीरीज के चाैथे मैच के दाैरान भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल को खूब रन पड़े थे। चहल ने 10 ओवरों में एक विकेट तो लिया लेकिन 80 रन भी लुटा दिए, जिस कारण आस्ट्रेलिया भारत से मिले 359 रनों का विशाल लक्ष्य भी हासिल करने में कामयाब हो गया। मैच के बाद चहल निशाने पर आ गए और उनकी गेंदबाजी पर सवाल उठने लगे। इसी बीच पूर्व श्रीलंकाई स्पिनर मुथैया मुरलीधरन उनके बचाव में आगे आए और कहा कि वह भी इंसान हैं, कोई रोबोट नहीं।
मुरलीधरन ने कहा कि आप एक खिलाड़ी से यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वह जब भी मैच खेलेगा तो 5 विकेट लेगा। वह चैंपियन गेंदबाज हैं और बीते दो सालों से अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं। उन्होंने बताया है कि उनके पास विविधता है और वह विपक्षी बल्लेबाज को परेशान कर सकते हैं। यह सिर्फ एक मैच में उनके विफल होने की बात है। विश्वास कीजिए, वह रोबॉट नहीं हैं। आप एक खिलाड़ी से हर मैच में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद कर उस पर दबाव नहीं डाल सकते।'
वहीं भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर ईरापल्ली प्रसन्ना ने भी मुरलीधरन की बात को दोहराया है और कहा है कि एक मैच कुछ बदल नहीं देता। प्रसन्ना ने कहा, 'उन्होंने कितने मैच खेले हैं? लगभग 50 (41)? क्या आप मुझसे कह रहे हैं कि उन्होंने अपने देश के लिए इतने वनडे ऐसे ही खेल लिए? हमें उनके साथ धैर्य रखना होगा। मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया खिलाड़ी बीते वर्षों में लेग स्पिन के अच्छे बल्लेबाज बन गए हैं।' बता दें कि चहल ने जून 2016 को डेब्यू किया था जिसके बाद उनकी कुलदीप चहल के साथ जोड़ी जमी। चहल 41 मैचों में 72 विकेट ले चुके हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 42 रन देकर 6 विकेट रहा।