भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष शशांक मनोहर की अध्यक्षता में बीसीसीआई के मुख्यालय में हुई इस बैठक में मोदी पर लगाए गए आरोपों में वित्तीय अनिय्मितताओं से लेकर फ्रेंचाइजी की बोली और प्रसारण अधिकार से जुड़े समझौते में हेरा-फेरी की बात शामिल है। इन मामलों में बीसीसीआई की ओर से 34 पृष्ठों का एक आरोप पत्र दिया गया।
बैठक में गवर्निग काउंसिल के 13 सदस्य (मोदी के अलावा) शामिल हुए। इसमें आईसीसी के विशेष सलाहकार आई. एस. बिंद्रा, बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष एम.पी. पांडोव, उपाध्यक्ष चिरायु अमीन, मीडिया प्रभारी राजीव शुक्ला, दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अरुण जेटली, सचिव संजय जगदाले और एन. श्रीनिवासन, जम्मू एवं कश्मीर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, आईपीएल के उपाध्यक्ष निरंजन शाह और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रवि शास्त्री, सुनील गावस्कर एवं मंसूर अली खान पटौदी शामिल हुए।
बैठक के बाद बीसीसीआई अध्यक्ष मनोहर ने कहा, "मोदी पर 22 आरोप तय किए गए हैं। उन्हें 15 दिनों के भीतर जवाब देना होगा। इस बीच आईपीएल के दैनिक कार्यो की देखरेख के लिए अमीन को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। आईपीएल हमारी धरोहर है और इसे किसी प्रकार की बदनामी या अनियमितता से बचाना हमारा कर्तव्य है। हम इसकी सफलता पर किसी प्रकार की आंच नहीं आने देंगे।"
उल्लेखनीय है कि रविवार देर रात आईपीएल खिताबी मुकाबले के बाद मोदी को आईपीएल के चैयरमैन और कमिश्नर पद से निलंबित कर दिया गया। शशांक मनोहर ने ईमेल के जरिए भेजे गए संदेश के माध्यम से निलंबन के साथ ही मोदी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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