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आज ही के दिन 8 साल पहले बारिश ने डाला था खलल, अंत में भारत बना 'चैंपियन'

नई दिल्ली। माैजूदा समय भारतीय क्रिकेट टीम आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ भिड़ रही है, लेकिन बारिश ने मैच को बहुत नुकसान पहुंचाया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के फाइनल में अंग्रेजी मौसम का असर दिखना कोई नई बात नहीं है। जी हां, आज से 8 साल पहले यानी कि 23 जून 2013 को आईसीसी चैंपियंस ट्राॅफी का फाइनल भी इंग्लैंड के बर्मिंघम में खेला गया था, लेकिन इस दाैरान भी बारिश ने बाधा पैदा की थी। तब कोई रिजर्व डे नहीं था।

20-20 ओवर का करवाना पड़ा था मैच

20-20 ओवर का करवाना पड़ा था मैच

एमएस धोनी के नेतृत्व में भारत का फाइनल में पहुंचने का सफर एकदम सही था। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका पर प्रचंड जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की और फिर बर्मिंघम में पाकिस्तान को हराने से पहले वेस्टइंडीज को हरा दिया। भारत ने कार्डिफ में सेमीफाइनल में श्रीलंका को आराम से हराकर इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में जगह बनाई। हालांकि, प्रशंसकों को बर्मिंघम में फाइनल का इंतजार करना पड़ा क्योंकि टूर्नामेंट में कई खेलों को प्रभावित करने के बाद बारिश ने फिर से खेल बिगाड़ दिया था। तब यह तय हुआ कि विजेता का फैसला करने के लिए 20-20 ओवर का मैच खेला जाएगा।

कोहली और जडेजा के चलते बन पाए 129 रन

कोहली और जडेजा के चलते बन पाए 129 रन

इंग्लैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया था और सभी की निगाहें शिखर धवन और रोहित शर्मा पर थीं क्योंकि भारत की यह उस समय नई जोड़ी थी। हालांकि, फाइनल में, स्टुअर्ट ब्रॉड ने रोहित (9) को जल्दी चलता किया। भारत को धवन और विराट कोहली ने संभाला, जो नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने आए थे। रवि बोपारा के ओवर में धवन के आउट होने से पहले दोनों ने 31 रन जोड़े।

फिर भारत के लिए लगातार झटके मिले। दिनेश कार्तिक (6), सुरेश रैना (1) और एमएस धोनी (0) बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे। इस तरह भारत ने 66 रनों पर 5 विकेट गंवा दिए। हालांकि, कोहली अकेले डटे रहे और स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया। उन्होंने 34 गेंदों में 43 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि रवींद्र जडेजा कैमियो (25 गेंदों में 33 रन) ने भारत को 7 विकेट पर 129 रन बनाने में मदद की।

फिर इशांत ने बदला मैच का रुख

फिर इशांत ने बदला मैच का रुख

जवाब में इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और उसने दूसरे ओवर में उमेश यादव के हाथों एलिस्टेयर कुक का विकेट गंवा दिया। इयान बेल (13), जोनाथन ट्रॉट (20), जो रूट (7) पर जडेजा और आर अश्विन भारी पड़े। इंग्लैंड 46 रन पर 4 विकेट गंवा चुका था, लेकिन इयोन मोर्गन और रवि बोपारा ने मैच अपनी ओर लाने में प्रयास किया। दरअसल, दोनों ने 5वें विकेट के लिए 64 रन जोड़े, जिससे इंग्लैंड को फिनिश लाइन के करीब पहुंचने में मदद मिली।

इंग्लैंड को आखिरी 16 गेंदों में सिर्फ 20 रनों की जरूरत थी और एमएस धोनी ने इशांत शर्मा की ओर रुख किया था। स्टार पेसर के महंगे होने के बावजूद, धोनी इशांत के पास गए। इशांत ने लगातार गेंदों में मोर्गन और बोपारा के विकेट चटकाए और मैच को भारत के पक्ष में झुका दिया। फिर धोनी ने आर अश्विन को आखिरी ओवर दिया, जिन्होंने सफलतापूर्वक 14 रन का बचाव किया। 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी भारत की आखिरी आईसीसी ट्रॉफी जीत रही है। वे 2015 विश्व कप के सेमीफाइनल, 2016 टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल, 2017 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल और 2019 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचे थे, लेकिन ट्रॉफी नहीं जीत सके।

Story first published: Wednesday, June 23, 2021, 15:36 [IST]
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