नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा के लिए आज का दिन यानि की 26 फरवरी कभी ना भूला पाने वाला है। इस दिन उन्होंने 2003 में हुए विश्व कप दाैरान ऐसा प्रदर्शन किया था जिसके चलते इंग्लैंड पूरी तरह से पस्त हो गया था। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ हुए इस मैच में 10 ओवर में 23 रन देकर छह विकेट निकाले जिसकी बदाैलत भारत मैच जीतने में कामयाब रहा।
नहीं टूटा उनका ये रिकाॅर्ड
विश्व कप में किसी भारतीय गेंदबाज का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इसके बाद भारत ने तीन विश्व कप खेले लेकिन कोई भी भारतीय गेंदबाज नेहरा की तरह ऐसा प्रदर्शन नहीं कर पाया। इतना ही नहीं, नेहरा भारत की ओर से वनडे में दो बार 6 विकेट लेने वाले एकमात्र गेंदबाज हैं। इसके बाद 2005 में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने 59 रन देकर 6 विकेट चटकाए थे।
ऐसा रहा था मैच का हाल
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की। सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर ने भारत को अच्छी शुरुआत दी. इन दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 60 रन जोड़े। वीरेंद्र सहवाग 23 रन बनाए। वहीं सचिन तेंदुलकर ने 50 रनों की पारी खेली। मध्यक्रम में राहुल द्रविड़ (62) और युवराज सिंह की (42) रनों की पारियों के चलते भारत ने 9 विकेट पर 250 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम की शुरुआत ठीक नहीं रही। इंग्लैंड का पहला विकेट 6 रनों पर गिर गया। निक नाइट 1 रन बनाकर रन आउट हुए। दूसरे सलामी बल्लेबाज मेरकस ट्रेस्कोथिक भी 8 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। इसके बाद आशीष नेहरा नेहरा ने मोर्चा संभाला।
नेहरा ने खतरनाक बॉलिंग करते हुए अंग्रेज बल्लेबाजों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इंग्लैंड की तरफ से एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने सर्वाधिक 64 रन बनाने सफल रहे. फ्लिंटॉफ के अलावा कोई भी इंग्लैंड का बल्लेबाज नेहरा के सामने नहीं टिक सका। पूरी इंग्लैंड टीम 45.3 ओवर्स में 168 रनों पर ढेर हो गई। आशीष नेहरा ने 10 ओवर में 23 रन देकर 6 विकेट झटके। भारत ने इस मैच में इंग्लैंड पर 82 रनों से जीत दर्ज की। बता दें कि इस मुकाबले में नेहरा की काफी तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें बार-बार उलटियां हो रही थीं। खुद को एक्टिव रखने के लिए नेहरा लगातार केले और एनेर्जी ड्रिंक्स का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके बावजूद तेज गेंदबाजी ने हार नहीं मानी।