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जब डेब्यू मैच में इस खिलाड़ी ने फेंकी 19 नो बॉल, खेल पाया करियर में सिर्फ 2 ही टेस्ट मैच

नई दिल्ली। क्रिकेट की दुनिया में किसी भी खिलाड़ी के लिये उसका पहला मैच काफी अहम रहता है और वह अपने अच्छे प्रदर्शन के जरिये इसे यादगार बनाना चाहता है। लेकिन कई खिलाड़ियों के लिये उनका पहला मैच अच्छे प्रदर्शन की वजह से नहीं बल्कि बुरे प्रदर्शन की वजह से यादगार बन जाता है। ऐसा ही कुछ वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज पैटरसन थॉम्पसन के साथ हुआ था। बारबाडोस में जन्में इस कैरिबियाई खिलाड़ी ने आज ही के दिन (19 अप्रैल) को न्यूजीलैंड के खिलाफ ब्रिजटाउन में खेले गये टेस्ट मैच में डेब्यू किया था।

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थॉम्पसन अपने डेब्यू मैच में कमाल करना चाहते थे जिससे उन्हें आगे और मौके मिल सकें लेकिन अपने पहले ही मैच में उन्होंने इतना खराब प्रदर्शन किया कि चयनकर्ताओं के लिये मुश्किल खड़ी हो गई और वह करियर में सिर्फ 2 ही टेस्ट मैच खेल सकें।

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डेब्यू मैच के बाद 6 महीने तक बाहर रहे थॉम्पसन

डेब्यू मैच के बाद 6 महीने तक बाहर रहे थॉम्पसन

न्यूजीलैंड के खिलाफ डेब्यू करने वाले थॉम्पसन का पहला मैच कुछ इतना बुरा घटा कि वह टीम से लगभग 6 महीने तक बाहर रहे और करियर में सिर्फ 2 ही टेस्ट मैच खेल सके। ब्रिजटाउन में 19 अप्रैल 1996 को अपना पहला मैच खेलने उतरे थॉम्पसन ने भले ही इस मैच में 4 विकेट हासिल किये लेकिन डेब्यू मैच के पहले ही ओवर में उन्होंने 17 रन लुटा दिये। अपने पहले ओवर में थॉम्पसन ने 13 नो बॉल और एक वाइड गेंद फेंकी। थॉम्पसन ने पहली पारी में 8 ओवर गेंदबाजी की और 58 रन देकर 2 विकेट हासिल किये। इस दौरान उन्होंने 19 नो बॉल फेंकी।

दूसरी पारी में भी थॉम्पसन महंगे साबित हुए और 14 ओवर की गेंदबाजी में 77 रन देकर 2 विकेट झटके। इस दौरान उन्होंने 9 बॉल फेंकी।

दूसरे मैच में भी महंगे साबित हुए थॉम्पसन

दूसरे मैच में भी महंगे साबित हुए थॉम्पसन

पैटरसन थॉम्पसन के महंगे स्पैल के चलते वेस्टइंडीज ने अगले टेस्ट मैच में उनकी जगह लेग स्पिनर राजिंदर धनराज को टीम में शामिल किया। इसके बाद अगले 6 महीने तक थॉम्पसन टीम से बाहर रहे। उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जनवरी 1977 में करियर का दूसरा और आखिरी टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला, जहां पर वह एक बार फिर से महंगे साबित हुए।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गये इस मैच में उन्होंने 16 ओवर गेंदबाजी की और 80 रन देकर महज 1 विकेट हासिल किया।

खराब प्रदर्शन के चलते छोटा रह गया करियर

खराब प्रदर्शन के चलते छोटा रह गया करियर

ऐसा नहीं है कि पैटरसन थॉम्पसन का प्रदर्शन खराब होने के बावजूद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका दिया जा रहा था, लेकिन वह राष्ट्रीय टीम में मिल रहे मौकों को भुना पाने में नाकाम हो रहे थे। थॉम्पसन ने घरेलू स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए 29 फर्स्ट क्लास मैचों में 70 विकेट अपने नाम किये।

पैटरसन ने अपने करियर में 2 टेस्ट और 2 ही वनडे मैचों में शिरकत की और इस दौरान कुल 7 अतंर्राष्ट्रीय विकेट हासिल किये।

Story first published: Monday, April 20, 2020, 14:27 [IST]
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