
डेब्यू मैच के बाद 6 महीने तक बाहर रहे थॉम्पसन
न्यूजीलैंड के खिलाफ डेब्यू करने वाले थॉम्पसन का पहला मैच कुछ इतना बुरा घटा कि वह टीम से लगभग 6 महीने तक बाहर रहे और करियर में सिर्फ 2 ही टेस्ट मैच खेल सके। ब्रिजटाउन में 19 अप्रैल 1996 को अपना पहला मैच खेलने उतरे थॉम्पसन ने भले ही इस मैच में 4 विकेट हासिल किये लेकिन डेब्यू मैच के पहले ही ओवर में उन्होंने 17 रन लुटा दिये। अपने पहले ओवर में थॉम्पसन ने 13 नो बॉल और एक वाइड गेंद फेंकी। थॉम्पसन ने पहली पारी में 8 ओवर गेंदबाजी की और 58 रन देकर 2 विकेट हासिल किये। इस दौरान उन्होंने 19 नो बॉल फेंकी।
दूसरी पारी में भी थॉम्पसन महंगे साबित हुए और 14 ओवर की गेंदबाजी में 77 रन देकर 2 विकेट झटके। इस दौरान उन्होंने 9 बॉल फेंकी।

दूसरे मैच में भी महंगे साबित हुए थॉम्पसन
पैटरसन थॉम्पसन के महंगे स्पैल के चलते वेस्टइंडीज ने अगले टेस्ट मैच में उनकी जगह लेग स्पिनर राजिंदर धनराज को टीम में शामिल किया। इसके बाद अगले 6 महीने तक थॉम्पसन टीम से बाहर रहे। उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जनवरी 1977 में करियर का दूसरा और आखिरी टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला, जहां पर वह एक बार फिर से महंगे साबित हुए।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गये इस मैच में उन्होंने 16 ओवर गेंदबाजी की और 80 रन देकर महज 1 विकेट हासिल किया।

खराब प्रदर्शन के चलते छोटा रह गया करियर
ऐसा नहीं है कि पैटरसन थॉम्पसन का प्रदर्शन खराब होने के बावजूद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका दिया जा रहा था, लेकिन वह राष्ट्रीय टीम में मिल रहे मौकों को भुना पाने में नाकाम हो रहे थे। थॉम्पसन ने घरेलू स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए 29 फर्स्ट क्लास मैचों में 70 विकेट अपने नाम किये।
पैटरसन ने अपने करियर में 2 टेस्ट और 2 ही वनडे मैचों में शिरकत की और इस दौरान कुल 7 अतंर्राष्ट्रीय विकेट हासिल किये।


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