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आज के दिन: वर्ल्ड कप फाइनल में हारी थी टीम इंडिया, लेकिन धोनी ने किया था चमत्कार

नई दिल्ली। आज के दिन का भारतीय क्रिकेट से बेहद अनोखा संबंध हैं। इ तारीख पर दो ऐसी घटनाएं घटी थी जिसमें से एक में भारत को कभी न भुलाए जाना वाला गम मिला तो वहीं दूसरे में वो खुशियां जिसने सांसे रोक दी थीं।

पहली घटना-
पहले बात करते हैं उस गम की जिसे भारत आज तक नहीं भुला पाया है। दरअसल बात 2003 वर्ल्ड कप ही। आज से ठीक 15 साल पहले भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भारत को वर्ल्ड कप दिलाने से चूक गए थे। 23 मार्च 2003 को भारतीय टीम के पास ऑस्ट्रेलिया को हराकर वर्ल्डकप अपने नाम करने का सुनहरा मौका था, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ऐसा करने में कामयाब नहीं हो सके।

इस मैच में भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इस मैच में पोटिंग ने अकेले भारत के हाथों से जीत छीन ली थी। कंगारू कप्तान रिकी पोंटिंग ने मॉर्टिन के साथ मिलकर बिना कोई विकेट खोए 50 ओवर में टीम के स्कोर को 359 रनों तक पहुंचाने का काम किया। इस दौरान पोंटिंग ने 121 गेंदों का सामना कर 140 रन बनाने में सफल रहे, जिसमें 4 चौके और 8 छक्के शामिल थे।

360 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की तरफ से सचिन मात्र 4 रन ही बना सके थे। कप्तान गांगुली 24 तो वहीं मोहम्मद कैफ बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। हालांकि एक छोर से वीरेंद्र सहवाग ने पारी को संभाले रखा था लेकिन वे भी 82 रन बनाकर आउट हो गए। सहवाग के आउट होते ही टीम की सभी उम्मीदें भी खत्म हो गई। भारत अपनी पारी के दौरान 234 रन ही बना सका और इस तरह भारत वर्ल्ड जीतने का मौका गंवा बैठा।
देखें पोटिंग की वो पारी-


दूसरी घटना-
निदहास ट्रॉफी फाइनल के अंतिम ओवरों में एक समय ऐसा लगने लगा कि भारत के हाथों से ये मैच अब निकल गया है। हालांकि आखिरी गेंद पर दिनेश कार्तिक ने छक्‍का लगाकर बांग्‍लादेश के जबड़े से जीत को छीन ली। कुछ ऐसा ही हाल भारत ने साल 2016 में बांग्‍लादेश का आज ही के दिन किया था।

बांग्‍लादेश की टीम को जीत के लिए तीन गेंदों पर दो रन चाहिए थे। लगा मानों अब ये मैच पूरी तरह से बांग्‍लादेश की टीम की पकड़ में आ गया है। फिर भारत के पूर्व कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे से कुछ हुसैन बोल्‍ट वाले स्‍टाईल में दौड़ लगाई और टीम को इस रोमांचक मैच में जिता दिया। 23 मार्च यानी आज ही के दिन साल 2016 के टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को एक रन से हरा दिया था।

इस मैच में भारत ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी की और पूरी टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 146 रन ही बना पाई। बांग्‍लादेश की जीत आसान लग रही थी। बेंगलुरु में खेले गए इस मैच में बांग्‍लादेश ने 19 ओवरों में छह विकेट खोकर 136 रन बना लिए थे। आखिरी ओवर में जीत के लिए बांग्‍लादेश को 11 रनों की दरकार थी।

पहली गेद पर एक रन बनाने के बाद ओवर की दूसरी गेंद पर रहीम ने चौका जड़ दिया। अब जीत के लिए चार गेंदों पर छह रन की दरकार थी। तीसरी गेंद पर भी रहीम ने चौका मारा। अब बांग्‍लादेश को जीत के लिए तीन गेंदों पर दो रन बनाने थे। पांड्या के ओवर की चौथी गेंद पर मुश्फिकुर रहीम और पांचवी गेंद पर महमदुल्‍लाह शार्ट लगाने के आउट हो गए।

अब जीत के लिए एक गेंद पर दो रन की दरकार थी। पांड्या आखिरी गेंद को बल्‍लेबाज से मिस कराने में सफल रहे, लेकिन फिर भी दोनों खिलाड़ी एक रन मारने के लिए दौड़ पड़े। लेकिन फिर धोनी ने चीता की तरह दौड़कर बांग्लादेश के लिए कभी न भूले जाने वाला गम दे दिया।
देखें वो ओवर-

Story first published: Friday, March 23, 2018, 16:12 [IST]
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