नई दिल्ली: आज ही के दिन यानी 23 जून को रोहित शर्मा ने भारतीय क्रिकेट टीम में अपना डेब्यू किया था। तब किसी ने सोचा नहीं था कि यह पदार्पण एक दिन इतिहास के पन्नों पर सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगा। रोहित ने इन सालों में ना केवल खुद को टीम में स्थायी सदस्य के तौर पर मजबूत कर लिया बल्कि सफेद गेंद क्रिकेट में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ओपनिंग बल्लेबाज के तौर पर भी उभर गए। आज भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े नामों में रोहित का सिक्का चल रहा है।
यह 23 जून 2007 का दिन था जब रोहित ने बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था। रोहित को इस मुकाबले में बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला था। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने इसके बाद 2007 वर्ल्ड कप के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले से अपना टी20 डेब्यू किया।
हालांकि रोहित को इसके बाद भी टेस्ट मैच खेलने के लिए 6 साल का और इंतजार करना पड़ा और कोलकाता में विंडीज के खिलाफ साल 2013 में उनको टेस्ट कैप भी मिल गई।
रोहित ने अपने पहले ही टेस्ट में शतक लगाने में भी कामयाबी हासिल की थी। समय के साथ शर्मा भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ बनते चले गए।
पिछले साल विश्व कप में रोहित ने 81 के औसत के साथ 648 रन बनाए थे जो टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा थे। इसके साथ ही एक वर्ल्ड कप के दौरान सर्वाधिक 5 शतक लगाने वाले वे पहले भारतीय बने।
आज रोहित भारतीय वनडे टीम के उपकप्तान हैं और 224 वनडे, 108 टी20 और 32 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। उन्होंने तीनों फॉर्मेट में मिलाकर 14,029 रनों का योगदान दिया है। वो एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्होंने वनडे क्रिकेट में तीन डबल सेंचुरी लगाई हैं।
इसके अलावा रोहित के नाम वनडे में सर्वोधिक बड़ी पारी खेलने का भी रिकॉर्ड है जो उन्होंने ईडन गार्डन में श्रीलंका के खिलाफ खेली थी। तब रोहित ने 264 रनों की पारी खेली थी।
पिछला साल रोहित के लिए शानदार रहा क्योंकि वे अब टेस्ट टीम के भी नियमित ओपनर बन गए हैं। इसके अलावा आईपीएल में भी वे छाए हुए हैं जहां पर वो सबसे ज्यादा चार टाइटल के साथ लीग के सफलतम कप्तान साबित हुए हैं।