मुंबई। आज दहशत की काली रात की 6ठीं बरसी है, जिसे याद करके आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं लेकिन जरा ठहरकर उनके बारे में सोचिए जो कि इस काली रात के शिकार बने थे। उनके दर्द, खौफ का हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं लेकिन इस दर्द को कुछ सेकंड के लिए हमारे देश में क्रिकेट का भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने जरूर महसूस किया है।
सचिन ने अपनी आत्मकथा 'प्लेइंग इट माई वे' अपने इस खौफ का जिक्र किया है। सचिन ने लिखा है कि जैसे ही टीम इंडिया जो कि उस समय कटक में थी, को टीवी पर जानकारी मिली की हमारी मुंबई खौफनाक आतंकवादियों के चंगुल में है। हमारी जीत तुरंत गम के साये में तब्दील हो गई क्योंकि उस दिन भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत बड़ा दिन था। आपको बता दें कि उस दिन भारत ने पहली बार पांच वनडे सीरीज पर क्लीन स्वीप के जरिेये कब्जा किया था।
टीम इंडिया का हर खिलाड़ी आतंकी हमले की खबर सुनकर टीवी के सामने आकर खड़ा हो गया और हर किसी की जुबां पर केवल अपने मुंबईवासियों की सलमाती की दुआ थी हर कोई बस ऊपरवाले से सबकी सलमाती की प्रार्थना कर रहा था।
सचिन ने लिखा है कि इस खबर के तुरंत बाद उन्होंने अपनी पत्नी अंजलि को मुंबई फोन किया था। अंजलि ने उन्हें बताया कि वो और उनका पूरा परिवार सुरक्षित है जिसे सुनकर सचिन के जान में जान आयी लेकिन जैसे ही अंजलि ने उन्हें आगे बताया कि जिस लियोपोल्ड कैफे पर आज आतंकी घुसे हैं वहां वो कल एक इवेंट के लिए गयी थीं और कॉफी पीकर आयी थीं।
इतना सुनना था कि सचिन का दिल जोरो से धड़कने लगा और वो पसीने-पसीने हो गये , उन्होंने तुरंत ऊपर वाले को दिल से धन्यवाद किया। लेकिन इसके बाद तुरंत उनके दिमाग में आया कि मेरी यह बात सुनकर इतनी हालत खराब है, आज उन लोगों के घरवालों पर क्या बीत रही होगी जिनके घरवाले इस हमले में फंसे हैं।
डर के मारे पसीने-पसीने हो गये थे सचिन
गौरतलब है कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों के निशाने पर मुंबई का ताज होटल, ओबेरॉय होटल, लियोपोल्ड कैफे, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और नरीमन हाउस था। इस हमले में सैकड़ो जानें गईं थी। इस हमले में एकमात्र जिंदा आतंकी अजमल कसाब भारत के हाथ आया था जिसे भी अब फांसी दी जा चुकी है।