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67 साल में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए खेले केवल 2 हिंदू, एक के नाम है ये बड़ा रिकाॅर्ड

नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव फिर बढ़ा है। कारण बना नागरिकता संशोधन बिल का पास होना। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि नागरिकता कानून भारत के मुस्लमानों के खिलाफ है। हालांकि सरकार ने साफ कहा कि यह कानून किसी भी भारतीय नागरिक के खिलाफ नहीं है। यह कानून नागरिकता देने वाला है, नागरिकता लेने वाला नहीं। भारत-पाकिस्तान के बीच बंटबारा होने के बाद पाकिस्तान में बसे गैर-मुस्लिम परिवारों पर अत्याचार हुए जो फिर शरणार्थी बनकर भारत बसे। अब इन्हीं लोगों के लिए सरकार नागरिकता कानून लेकर आई। पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों व आतंक को बढ़ावा देने के कारण विश्व से अलग-थलग पड़ा है। पाकिस्तान भारतीयों के प्रति कितनी हमदर्दी रखता है, इसका खुलासा शोएब अख्तर ने भी एक बयान से किया। उनके द्वारा पाकिस्तान क्रिकेट टीम में गैर-मुस्लिम क्रिकेटरों के साथ भेदभाव होने की बातें सामने आई हैं। भारत के साथ पाकिस्तान ने पहला टेस्ट 1952 में खेला था। अबतक हुए 67 सालों में सिर्फ 2 हिंदूओं को पाकिस्तान टीम में खेलने का माैका मिला। एक थे अनिल दलपत और दूसरे दानिश कनेरिया।

एक का अभी तक नहीं टूटा रिकाॅर्ड

एक का अभी तक नहीं टूटा रिकाॅर्ड

इन दोनों को हिंदू या गैर-मुस्लिम क्रिकेटर भी कह सकते हैं। दिनेश कनेरिया ने बहुत ही कम समय में क्रिकेट जगत में ऊंची पहचान बना ली थी। लेकिन फिक्सिंग के आरोपों में फंसने के बाद वह पाकिस्तान टीम से बाहर हो गए। दिनेश के नाम एक ऐसा रिकाॅर्ड है जिसे आजतक कोई भी पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं तोड़ सका। यह रिकाॅर्ड से बताैर स्पिन गेंदबाज पाकिस्तान के लिए टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का। दिनेश ने 29 दिसंबर 2000 को पहला टेस्ट खेला था। उन्होंने 61 मैचों में 261 विकेट लिए। वह बताैर स्पिनर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले पाकिस्तानी गेंदबाज हैं। कनेरिया ने आखिरी मैच 29 जुलाई 2010 को टेस्ट के रूप में ही खेला था। वह 18 वनडे मैचों में 15 विकेट भी ले चुके थे, लेकिन टेस्ट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।

अनिल ने लगाए थे इमरान खान पर आरोप

अनिल ने लगाए थे इमरान खान पर आरोप

वहीं पाकिस्तान के लिए खेलने वाले पहले हिंदू अनिल दलपत थे। इनका करियर ज्यादा लंबा नहीं रहा। वो 1984-86 के बीच केवल 9 टेस्ट और 15 वनडे मैच खेल सके। वह विकेटकीपर बल्लेबाज थे लेकिन ज्यादा सफल नहीं रहे। उन्होंने टेस्ट में विकेट के पीछे 25 और वनडे में 15 खिलाड़ियों को शिकार बनाया। अमित ने साल 2002 में आरोप लगाए थे कि पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान खान की वजह से ही उनका क्रिकेट करियर बर्बाद हुआ। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था, 'इमरान की वजह से मैं कम क्रिकेट खेला। मुझे कम ही मौके मिले लेकिन मैं और खेल सकता था।'

दोनों हैं एक-दूसरे के रिश्तेदार

दोनों हैं एक-दूसरे के रिश्तेदार

बता दें कि ये दोनों गैर-मुस्लिम क्रिकेटर एक-दूसरे के रिश्ते हैं। अनिल के पिता दलपत सोनावारिया क्रिकेट के शौकीन थे और कराची में एक क्रिकेट क्लब चलाते थे जिसका नाम पाकिस्तान हिंदू था। अनिल के क्रिकेटर बनने का वो एक बहुत बड़ा कारण थे। अनिल टीम में तो आ गए लेकिन उनके साथ भेदभाव होना भी शुरू हो गया था।

Story first published: Friday, December 27, 2019, 13:35 [IST]
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