मिस्बाह की तरफ से जारी किये गये बयान के अनुसार पाकिस्तान टीम की सैलरी में लंबे समय से कोई वृद्धि नहीं हुई है, जबकि अन्य क्रिकेट बोर्डों ने इसमें काफी बदलाव किया है, ऐसे में अब पाक खिलाड़ी 35 फीसदी हाइक की उम्मीद कर रहे हैं। बैठक के बाद नजीम ने विश्वास दिलाया कि खिलाडि़यों को अधिकतम संभावित हाईक जरूर मिलेगी। इस समय श्रेणी 'ए' के खिलाडि़यों को 3,25000 रूपये प्रतिमाह भुगतान किया जा रहा है। पिछले साल बोर्ड ने टेस्ट, वनडे और टी20 की मैच फीस 10 से 15 फीसदी बढ़ा दी है।
अगर भारतीय क्रिकेटरों के साथ पाक के खिलाडि़यों की कमाई की तुलना करें तो भारत में श्रेणी 'ए' के खिलाडि़यों को दो करोड़ रूपये सलाना दिया जाता है। इसके अलावा आईपीएल और प्रायोजकों द्वारा उनकी कमाई बोर्ड से मिलने वाले धन से कई गुना ज्यादा होती है। पाक खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग में भी नहीं खेलते हैं जिसमें काफी धन दिया जाता है। अभी हाल ही में फोर्ब्स द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की पिछले वर्ष की कमाई 179 करोड़ रूपये रही है।
पाक खिलाडि़यों के फिक्सिंग में शामिल होने का एक अन्य कारण उन्हें बोर्ड द्वारा कम धन दिया जाना भी है, वहीं पाक क्रिकेट बोर्ड युवा खिलाडि़यों पर अधिक धन खर्च कर रहा है।