
जूनियर स्तर पर शानदार कोचिंग अनुभव
2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर को अलविदा कहने के बाद उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियों को निभाया है। द्रविड़ ने भारत की अंडर-19 और भारत ए टीमों को कोचिंग दी है। इसलिए उनके पास जूनियर स्तर पर कोच के रूप में शानदार अनुभव है। वह बैंगलोर में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख भी हैं। द्रविड़ के कारण ही आज भारतीय टीम में नए खिलाड़ी शामिल हुए हैं जो अपने प्रदर्शन के दम पर टीम को शिखर की ओर ले गए।

खेल की अच्छी समझ
अपने क्रिकेट करियर में, द्रविड़ ने दुनिया के कुछ बेहतरीन गेंदबाजों का सामना किया है। उन्हें क्रिकेट का भी सूक्ष्म ज्ञान है। 16 साल के लंबे करियर के साथ द्रविड़ को क्रिकेट का पूरा ज्ञान है। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भी पूर्व में द्रविड़ के खेल के ज्ञान की सराहना की है। ऐसे में अगर द्रविड़ भारतीय टीम के कोच बनते हैं तो इससे निश्चित तौर पर भारतीय क्रिकेट को फायदा होगा।

शांत स्वभाव के हैं द्रविड़
अपने पूरे करियर के दौरान, द्रविड़ अपने शांत स्वभाव और दबाव में महान निर्णय लेने की क्षमता के लिए जाने जाते थे। द्रविड़ जैसा कोच होने से भी खिलाड़ियों को फायदा होता है। द्रविड़ को अपने क्रिकेट करियर में कई महत्वपूर्ण मौकों पर उनके शांत स्वभाव का फायदा मिला है और अगर वह भारतीय टीम के कोच बनते हैं तो टीम को भी इसका फायदा होगा। बता दें कि महेंद्र सिंह धोनी ने भी अपने शांत स्वभाव के चलते ही क्रिकेट जगत में बड़ा नाम कमाया है।


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