नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। ओलंपिक मशाल दौड़ के समानांतर तिब्बतियों द्वारा आज राजघाट से जंतर मंतर तक निकाली गई मशाल दौड़ तिब्बत समर्थन में लगने वाले नारों के साथ खत्म हुई।
तिब्बतियों के इस मशाल दौड़ में लगभग पांच हजार लोगों ने हिस्सा लिया। मुख्य ओलंपिक मशाल दौड़ के शुरू होने से ठीक पहले तिब्बतियों की मशाल दौड़ खत्म हुई।
राजघाट से सुबह 11 बजे शुरू हुई मशाल दौड़ जंतर मंतर पर दोपहर एक बजकर 35 मिनट पर पहुंची। तिब्बतियों ने 'हू जिंताओ मुर्दाबाद' और 'तिब्बत को मुक्त करो' के नारे लगाए।
तिब्बतियों के मशाल को थामने वालों में अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता नफीसा अली, जया जेटली और स्वामी अग्निवेश शामिल थे। मशाल के जंतर मंतर पर पहुंचने पर जनता दल- यूानइटेड (जदयू) के नेता जार्ज फर्नाडीस ने संबोधित किया।
जार्ज ने लोगों से चीन का विरोध करने की अपील की। जया जेटली ने कहा कि दौड़ के दौरान पुलिस ने मशाल को तीन बार छीनने की कोशिश की। उन्होंने ओलंपिक मशाल को 'लज्जा का मशाल' कहा। कार्यक्रम में पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी कीर्ति आजाद ने भी हिस्सा लिया।
गौरतलब है कि सुबह के समय राजघाट में सुरक्षाकर्मियों की सख्ती के बाद तिब्बती प्रदर्शनकारियों ने राजघाट के बाहर मशाल को प्रज्जवलित किया था।
इंडो-एश्यिन न्यूज सर्विस।