
कोच-सपोर्ट स्टाफ को भी मिलना चाहिए श्रेय
विनोद राय को लिखे अपने पत्र में रामचंद्र गुहा ने कहा है कि अगर न्याय और काबिलियत के आधार पर देखा जाए तो अनिल कुंबले के कार्यकाल को बढ़ा दिया गया होता, लेकिन कुंबले को अधर में छोड़ दिया गया और इस बात की घोषणा की गई कि इस पद के लिए फिर से आवेदन स्वीकार किया जाएगा। गुहा ने लिखा है कि भारतीय टीम का रिकॉर्ड पिछले सीजन में काफी अच्छा रहा है, ऐसे में अगर खिलाड़ी को ही श्रेय दिया जाता है तो उनके साथ कोच और सपोर्ट स्टाफ को भी इसका श्रेय मिलना चाहिए।

भारतीय क्रिकेट में सुपरस्टार संस्कृति हावी
भारतीय टीम के भीतर सुपरस्टार संस्कृति पर हमला बोलते हुए गुहा ने बिना किसी खिलाड़ी का नाम लेते हुए विराट कोहली पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा है कि अपने सुपरस्टार प्रभाव के चलते इन लोगों ने अनिल कुंबले के काम करने के तरीके पर सवाल खड़ा कर दिया है। गुहा का मानना है कि खिलाड़ियों को टीम के चयन प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, अगर ऐसा होगा तो खिलाड़ी बीसीसीई के अन्य पदों में अपने हस्तक्षेप को बढ़ाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रोफेशनल संस्था को इस तरह से नहीं चलाया जा सकता है।

खिलाड़ियों के पास वीटो पावर
गुहा ने कहा कि जिस तरह से वरिष्ठ खिलाड़ियों को सुपरस्टार की तरह से महत्व दिया जा रहा है वह उन्हें टीम के कोच को चुनने में वीटो पावर देता है, जोकि बिल्कुल गलत है। इस तरह का वीटो पॉवर किसी भी देश के किसी भी प्रोफेशनल टीम के खिलाड़ी को नहीं दिया जाता है। अगर बीसीसीआई को लगता है कि उन्हें इन सुपरस्टार खिलाड़ियों के सामने झुकना चाहिए तो मुमकिन है कि अगला नंबर उनका हो जब खिलाड़ी उन्हें बदलने के लिए अपना हस्तक्षेप करना शुरु कर दें।

भोगले को कमेंट्री से हटाने पर भी बरसे गुहा
आईपीएल के दौरान कमेंट्री पैनल से हर्षा भोगले को हटाए जाने पर भी गुहा ने बड़ा सवाल खड़ा किया है, उन्होंने कहा कि जिस तरह से भोगले कुछ भारतीय खिलाड़ियों की आलोचना की उसके आधार पर उन्हें कमेंट्री पैनल से हटा दिया गया है, यह सरासर गलत है। गुहा ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों के पास वीटो पॉवर है वह इस बात का फैसला ले सकते हैं कि कौन कमेंट्री पैनल में हो, यह अंतर्राष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है। गुहा ने कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो आगे चलकर खिलाड़ी सेलेक्टर, बीसीसीआई के अधिकारियों के चयन में भी हस्तक्षेप करना शुरु कर देंगे।

कुंबले विवाद पर जमकर बरसे गुहा
टीम इंडिया के कोच के लिए नए कोच की तलाश पर भी गुहा ने सवाल खड़ा किया है, उन्होंने कहा कि जब कुंबले का कार्यकाल खत्म होने वाला है और आप उनके कार्यकाल को आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं तो यह अगस्त माह में क्यों नहीं किया गया, आखिर क्यों चैंपिंयंस ट्राफी से ठीक पहले किया जा रहा है। अगर कोच व कप्तान के बीच सबकुछ सही नहीं था तो यह मुद्दा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज से पहले ही क्यों नहीं खत्म किया गया। आखिर क्यों इस मुद्दे को आखिरी मिनट तक टाला गया और जब इतनी बड़ी सीरीज शुरु होने वाली है तो इस मुद्दे को सामने लाया गया, इससे टीम के खिलाड़ियों के प्रदर्शन, उनके फोकस पर असर पड़ेगा।


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