भारतीय क्रिकेट में चल रही मनमानी की गुहा ने खोली पोल

By Ankur

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासनिक कमेटी से इस्तीफा देने के बाद रामचंद्र गुहा ने कई सनसनीखेज आरोप लगाए हैं, उन्होंने अपने अन्य साथियों पर कमेटी में पारदर्शिता नहीं लाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा उन्होंने राहुल द्रविड़ पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय टीम के कोच युवा खिलाड़ियों की राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में मार्च माह में चल रही ट्रेनिंग में नहीं पहुंचे क्योंकि इस दौरान आईपीएल चल रहा था। हालांकि गुहा ने सीधे तौर पर राहुल द्रविड़ का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर उन्ही की ओर है।

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कोच अपनी जिम्मेदारी को नहीं निभा रहे

कोच अपनी जिम्मेदारी को नहीं निभा रहे

रामचंद्र गुहा ने विनोद राय को जो पत्र लिखा है उसमें उन्होंने लिखा है कि मैंने कई बार कहा है कि एक भारतीय टीम के साथ आईपीएल में कोच का शामिल होना लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के खिलाफ है, यह हितों का टकराव है, कोई खिलाड़ी, कोच या सपोर्ट स्टाफ अगर भारतीय टीम, भारतीय ए टीम या जूनियर टीम का हिस्सा है तो उसे आईपीएल का हिस्सा नहीं होना चाहिए, एक व्यक्ति को पास दो जिम्मेदारियां नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ऐसी स्थिति में दोनों ही जिम्मेदारियों के साथ न्याय नहीं हो पाता है, क्लब की जिम्मेदारी से बड़ी राष्ट्रीय जिम्मेदारी होनी चाहिए।

हितों के टकराव को खत्म करना चाहिए

हितों के टकराव को खत्म करना चाहिए

गुहा ने यह भी कहा है कि कोच राष्ट्रीय टीम के कोच के सपोर्ट स्टाफ का आईपीएल के साथ भी करार है, ऐसे में हितों के टकराव को खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने मेल में लिखा है कि इस बात को मैंने पहले भी प्रशासनिक कमेटी में 7 फरवरी को उठाया था कि राष्ट्रीय टीम के कोच और सपोर्ट स्टाफ को बढ़ा हुआ वेतन मिलना चाहिए, लेकिन हितों के टकराव को खत्म किया जाना चाहिए। जब 11 मार्च को मुझे बताया गया कि युवा खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में कैंप का आयोजन होना है, लेकिन एक कोच आईपीएल की वजह से इसमें हिस्सा नहीं लेगा। जिसके बाद मैंने आपको लिखा था कि यह गलत है और भारतीय क्रिकेट के हित में नहीं है।

सुनवाई नहीं हो रही है शिकायतों की

सुनवाई नहीं हो रही है शिकायतों की

जिस तरह से गुहा ने पत्र लिखा और उसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई उसपर नाराजगी जाहिर करते हुए गुहा ने लिखा कि मेरे पत्र पर कोई आश्वासन नहीं दिया गया और ना ही कोई कार्रवाई की गई। बीसीसीआई के सदस्यों और प्रशासनिक कमेटी ने इस ढर्रे में बदलाव के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया। मैं चाहता हूं कि इस रवैये को खत्म किया जाए, लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी कुछ भी बदला नहीं।

धोनी को क्यों दिया गया ए श्रेणी में स्थान

धोनी को क्यों दिया गया ए श्रेणी में स्थान

रामचंद्र गुहा ने अपने पत्र में महेंद्र सिंह धोनी को बीसीसीआई की ए श्रेणी में रखने पर भी विरोध दर्ज कराया है। सुपरस्टार सिंड्रोम के चलते पूर्व टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को ए श्रेणी में रखा गया है। मैंने पहले ही कहा है कि जब धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से खुद को अलग कर लिया है बावजूद धोनी को ए श्रेणी में रखा गया, जिससे अन्य खिलाड़ियों में गलत संदेश जाता है। आपको बता दें कि धोनी एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हे ए श्रेणी में रखा गया है बावजूद इसके कि वह टेस्ट टीम में नहीं हैं।

किन खिलाड़ियों को मिलता है कितना पैसा

किन खिलाड़ियों को मिलता है कितना पैसा

गौरतलब है कि ए श्रेणी के खिलाड़ियों को हर वर्ष 2 करोड़ रुपए दिए जाते हैं, जिसमें मुख्य रूप से विराट कोहली, अजिंक्या रहाणे, मुरली विजय, चेतेश्वर पुजारा, रवींद्र जडेजा हैं। वहीं रोहित शर्मा, भुवनेश्वर कुमार, इशांत शर्मा, मोहम्मद शामी और उमेश यादव ग्रेड बी में हैं और उन्हें हर वर्ष 1 करोड़ रुपए मिलते हैं। जबकि सी श्रेणी में केएल राहुल, रिद्धिमान साहा, जसप्रीत बुमरा, युवराज सिंह हैं जिन्हें हर साल 50 लाख रुपए मिलते हैं।

Story first published: Friday, June 2, 2017, 14:20 [IST]
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