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Ranji Trophy: झारखंड ने तोड़ा रणजी ट्रॉफी का 85 साल पुराना इतिहास, ऐसा करने वाली पहली टीम बनी

नई दिल्ली। भारत के घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी में गुरुवार को कुछ ऐसा देखने को मिला जो उसके 85 साल के इतिहास में कभी नहीं हुआ था। झारखंड और त्रिपुरा के बीच जारी मैच में गुरुवार को फॉलो ऑन मिलने के बाद झारखंड की टीम मैच को जीतने का कारनामा करने वाली पहली टीम बन गई। अपने घरेलू मैदान पर खेलते हुए त्रिपुरा की टीम ने पहले खेलते हुए 289 रन बनाये जिसका पीछा करने उतरी झारखंड की टीम महज 136 रन पर ऑल आउट हो गई। चूंकि 4 दिवसीय टेस्ट मैच में फॉलो ऑन के लिये 150 रनों की बढ़त की दरकार होती है तो इसीलिये यहां पर त्रिपुरा के कप्तान मिलिंद कुमार ने झारखंड को दोबारा बल्लेबाजी करने का न्यौता दिया। जिसके बाद झारखंड की टीम ने 85 साल के इतिहास में वो कारनामा कर दिखाया जो पहले कभी नहीं हुआ।

त्रिपुरा की टीम ने दूसरी पारी में भी अच्छी गेंदबाजी की और झारखंड की टीम को दूसरी पारी में 138 रनों पर 5 विकेट झटक लिये थे। झारखंड की टीम को पारी की हार से बचने के लिये 15 रन की दरकार थी और क्रीज पर झारखंड के बल्लेबाज इशांक जग्गी और सौरभ तिवारी मौजूद थे। लंच के दौरान जग्गी ने टीम मैनेजर पीएन सिंह के साथ उम्मीद भरी बात-चीत की।

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क्रिकइंफो के मुताबिक, सिंह ने जग्गी से पूछा, 'ईडन गार्डन्स का रिपीट हो जाए?' जग्गी हालांकि इस बात को लेकर ज्यादा आश्वस्त नहीं थे और उन्होंने जवाब दिया, 'कभी कभी हो सकता है, बार बार नहीं।'

लंच के बाद दोनों खिलाडी जबरदस्त तरीके से टिक गये और टीम के लिये दूसरी पारी में 8 विकेट के नुकसान पर 418 रन बनाकर घोषित किया। ईशान जग्गी ने जहां 207 गेंद खेलकर 107 रनों की पारी खेली और वहीं सौरभ तिवारी ने 190 गेंदों में 122 रनों की नाबाद पारी खेली।

इसके बाद त्रिपुरा को जीत के लिये 266 रनों की दरकार थी और मैच को पूरा होने के लिये एक दिन से भी कम समय बाकी था। दूसरी पारी में खेलने उतरी त्रिपुरा की टीम दबाव नहीं झेल सकी और तेज गेंदबाज आशीश कुमार के सामने लड़खड़ा गई। उन्होंने त्रिपुरा के 5 बल्लेबाजों को वापस पवेलियन भेजा। इस बीच त्रिपुरा के लिये एमबी मुरासिंह ने अपना शतक पूरा किया और 103 रनों की पारी खेली।

दिन के आखिरी ओवर में झारखंड को जीत के लिये एक विकेट की दरकार थी जिसे आशीष कुमार ने राना दत्ता को LBW कर झारखंड को दिया और झारखंड की टीम 54 रनों से मैच को जीत गई। त्रिपुरा की टीम दूसरी पारी में 211 रन पर ऑल आउट हो गई।

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आपको बता दें कि कोलकाता के ईडन गार्डंस मैदान पर साल 2001 में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कुछ इसी तरह से टेस्ट मैच जीता था जहां पर फॉलोऑन मिलने के बाद सौरभ गांगुली की अगुआई में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 171 रनों से हराया था।

Story first published: Saturday, December 14, 2019, 0:59 [IST]
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