
अगर बयान से अश्विन को ठेस पहुंची तो मुझे खुशी है- शास्त्री
रवि शास्त्री ने अभी भी अपने शब्दों को वापस नहीं लिया है और कहा है कि उनको खुशी है कि उनकी बात से रविचंद्रन अश्विन को धक्का लगा जिसके चलते वह कुछ अलग हटकर करने के लिए मजबूर हो गए। शास्त्री यह भी कहते हैं कि अगर कोई और व्यक्ति उनको ऐसे शब्द बोलता तो वे इसको एक चुनौती के तौर पर लेते और अपने आपमें सुधार करने की कोशिश करते।
रवि शास्त्री ने इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में कहा, "अश्विन ने सिडनी में टेस्ट मैच नहीं खेला था और कुलदीप यादव ने वहां पर अच्छी बॉलिंग की थी। तो यह बिल्कुल सही था कि मैं कुलदीप यादव को एक मौका दूं। अगर इसने अश्विन को चोट पहुंचाई है तो मैं बहुत खुश हूं क्योंकि इस बात से अश्विन कुछ हटकर करने पर मजबूर हुए। मेरी नौकरी हर किसी को खुश करना नहीं है। मेरी नौकरी तथ्यों पर बात करने की है।"

पूर्व कोच ने अश्विन को लताड़ लगाई-
रवि शास्त्री आगे कहते हैं कि, अगर आपका कोच आपको चुनौती देता है तो आप क्या करेंगे? आप घर जाएंगे और रोएंगे और कहेंगे कि अब मैं वापसी नहीं कर पाऊंगा? जबकि एक खिलाड़ी के तौर पर मैं तो इस बात को एक चुनौती के तौर पर लूंगा और अपने कोच को गलत साबित करने की कोशिश करूंगा। अगर मेरे कुलदीप यादव पर दिए गए बयान से अश्विन को चोट पहुंची तो मैं खुश हूं कि मैंने ये बयान दिया। मैं खुश हूं कि मैंने अश्विन से कुछ हटकर कराने की कोशिश की।"
रवि शास्त्री स्वीकारते हैं कि अश्विन जिस तरीके से 2021 में गेंदबाजी कर रहे हैं वह वर्ल्ड क्लास लेवल की है। वे कहते हैं कि 2018 में अश्विन को जो मैसेज दिया गया था वह यही था कि इस गेंदबाज को अपने आपको फिट रखना होगा। अश्विन ने अपनी कमियों पर काम किया और अब देखिए वह किस तरीके से गेंदबाजी कर रहे हैं। वे एक वर्ड क्लास बॉलर है।

अश्विन ने कहा था- मुझे लगा था धक्का
जहां तक अश्विन की बात है तो उन्होंने हाल ही में ईएसपीएन क्रिकइंफो को एक इंटरव्यू दिया था जिसमें उन्होंने स्वीकार किया था कि रवि शास्त्री ने कुलदीप यादव को भारत का नंबर 1 ओवरसीज स्पिनर जब बताया तो उससे उनको बहुत ही धक्का लगा था। अश्विन कहते हैं कि उनको कुलदीप यादव के लिए तो खुशी हुई लेकिन साथ ही इस बात का भी दुख हुआ कि टीम में उनको सपोर्ट करने वाला कोई नहीं है। अश्विन उस दौरान अपने आप को अकेला बताते हैं और कहते हैं कि वे टीम के साथ जश्न नहीं मना सके। उनको अपने होटल के कमरे में वापस जाना पड़ा और उनके पास बात करने के लिए उनकी पत्नी के सिवा कोई भी नहीं था। उनके बच्चे वहां पर थे और टीम के जश्न में शामिल ना होने के मलाल के बावजूद भी उन्होंने पत्नी और बच्चों के साथ पार्टी की क्योंकि भारत ने वाकई में आस्ट्रेलिया में एक बहुत बड़ी जीत दर्ज की थी।


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