
सीखने की कोई उम्र नहीं होती
धोनी ने कहा कि सचिन को देखकर उन्हें एहसास हुआ कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती, बस दिल में जज्बा होना चाहिए।

शानदार क्रिकेट खेली
धोनी ने बोला कि सचिन हमेशा क्रिकेट में सुधार करना चाहते थे जिसकी वजह से उन्होंने इतनी शानदार क्रिकेट खेली है।

तेंदुलकर काफी अच्छे आदर्श
धोनी ने कहा कि तेंदुलकर काफी अच्छे आदर्श हैं क्योंकि वह सफल होने के साथ साथ विनम्र भी हैं।

सकारात्मक सोच
वो जब भी आस-पास होते हैं तो दिल में हमेशा एक सकारात्मक सोच का जन्म होता है, एक ताकत का एहसास होता है।

सचिन मेरे लिए भगवान से कम नहीं
इसलिए मैं कहता हूं कि सचिन मेरे लिए भगवान से कम नहीं, मैं खुशकिस्मत हूं कि मुझे उनके साथ खेलने का मौका मिला।

धोनी ने सारे आरोपों का झूठा साबित किया!
धोनी की यह बातें उन लोगों के मुंह पर तमाचा है जिन्होंने सचिन के रिटायरमेंट के पीछे कप्तान धोनी का हाथ बताया था, मालूम हो कि सचिन तेंदुलकर ने अचानक से ऐलान किया था कि वो वनडे से संन्यास ले रहे हैं, उस समय मीडिया सूत्रों ने इसके पीछे कारण कैप्टन धोनी को बताया था क्योंकि तब सचिन का बल्ला चल नहीं रहा था, ऐसे में टीम की हालत भी बहुत ज्यादा खराब थी, ऐसे में धोनी को नये खिलाड़ियों को दरकार थी और वो सचिन को टीम में नहीं चाहते थे, इससे पहले की सचिन को टीम से बाहर किया जाता, सचिन ने खुद संन्यास का ऐलान कर दिया था।

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