नई दिल्ली। क्रिकेट की दुनिया में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग का अपना एक अलग नाम है। ऑस्ट्रेलिया को 2 विश्व कप और चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब जिताने वाले कप्तान रिकी पोंटिंग ने अपने करियर के दौरान 27 हजार अतंर्राष्ट्रीय रन बनाये और शतकों के मामले में भारत के सचिन तेंदुलकर के बाद 71 शतक लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया। करियर के दौरान रिकी पोंटिंग ने कई बड़े रिकॉर्ड और आंकड़ों को अपने नाम किया। 2012 में क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद रिकी पोंटिंग ने कोचिंग के जरिये खुद को मैदान पर जोड़े रखा। मौजूदा समय में वह ऑस्ट्रेलियाई टीम के अलावा इंडियन प्रीमियर लीग में दिल्ली कैपिटल्स की टीम को कोच करते नजर आते हैं।
दुनिया भर में चल रहे लॉकडाउन के बीच रिकी पोंटिंग ने एक नये व्यापार के आगाज का ऐलान किया है और बताया है कि कोचिंग के अलावा अब उन्होंने एक कंपनी खोली है जो लोगों के लिये वाइन बनाने का काम करेगी।
और पढ़ें: रोहित शर्मा को डेविड वॉर्नर का संदेश, 'भूल जाओ T20 विश्व कप, नहीं होगा आयोजन'
पोंटिंग ने शुक्रवार को अपने नये वाइन ब्रांड 'PONTING' को लॉन्च किया और बताया कि जो भी इसे ट्राई करना चाहते हैं उनके लिये यह वाइन 15 प्रतिशत डिस्काउंट पर उपलब्ध है।
अपने नये बिजनेस के बारे में जानकारी देते हुए पोंटिंग ने लिखा,'मैं पोंटिंग वाइन्स नाम के अपने नए बिजनेस की शुरुआत को लेकर बहुत खुश हूं। यह मेरा सौभाग्य था कि मैं बेन रिग्स और रियाना जैसे शानदार वाइन बनाने वालों के साथ काम कर पाया। हम नई रेंज की शुरुआत करे रहे हैं।'
और पढ़ें: तो इस गलती के चलते विश्व कप 2019 का सेमीफाइनल हारा भारत, दिनेश कार्तिक ने खोला राज
इस ट्वीट के साथ ही रिकी पोंटिंग ने 3 तस्वीरें भी शेयर की जिसमें वह वाइन को टेस्ट करते हुए नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस ब्रॉंड की सभी वाइन पोंटिंग के क्रिकेट करियर से जुड़ी हुई होंगी।
गौरतलब है कि रिकी पोंटिंग ने साल 2012 में अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया था। अपनी टीम के लिये सफलतम कप्तानों में से एक रहे पोंटिंग का कोचिंग करियर भी अब तक शानदार रहा है। उनकी कोचिंग में दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने करीब 8 साल बाद 2019 में पहली बार प्लेऑफ में जगह बनाई थी।
और पढ़ें: धोनी को टीम में मिस कर रहे हैं कुलदीप यादव, कहा- अगर खेलेंगे तो होगा फायदा
आपको बता दें कि रिकी पोंटिंग ने 2019 विश्व कप के दौरान ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिये सहायक कोच की भूमिका भी अदा की थी और उनके नेतृत्व में टीम ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था।