नई दिल्ली। विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ने जो मुकाम करियर में हासिल किए हैं उन्हें पाना हर किसी खिलाड़ी का है। चाहे वो फिर बताैर विकेटकीपर हो या फिर बताैर कप्तान। धोनी बिना कुछ बोले मैच में ऐसा पासा पलट देते हैं कि विरोधी टीम भी फिर उनके चक्रव्यूह को बेधने में असफल हो जाती है। धोनी अपने साथी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए भी आगे रहते हैं। अगर कोई खिलाड़ी अपना आत्मविश्वास खो रहा हो तो धोनी उनके मागर्दशक बनते हैं। लेकिन ऋषभ पंत ने कहा कि वर्ल्ड कप विजेता कप्तान अपने तरीके से युवा खिलाड़ियों की मदद करते हैं लेकिन किसी समस्या का पूर्ण समाधान देने की जगह खुद हल ढूढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
पंत को धोनी का उत्तराधिकारी माना जा रहा था लेकिन सीमित ओवरों के प्रारूप में लोकेश राहुल ने उनकी जगह ले ली जिससे इस युवा खिलाड़ी को अंतिम एकदश में जगह बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। पंत ने इंडियन प्रीमियर लीग की अपनी टीम दिल्ली कैपिटल्स के साथ इंस्टाग्राम पर बातचीत में कहा, 'धोनी मैदान के अंदर और बाहर मेरे मार्गदर्शक की तरह हैं। मैं किसी भी समस्या के समाधान के लिए उनसे संपर्क कर सकता हूं लेकिन वह मुझे कभी भी पूर्ण समाधान नहीं देते हैं।'
उन्होंने कहा, 'ऐसा इसलिए भी है कि मैं पूरी तरह उन पर निर्भर न रहूं। वह केवल संकेत देते हैं, जिससे मुझे हल निकालने में मदद मिलती है। वह बल्लेबाजी में मेरे पसंदीदा जोड़ीदारों में से एक हैं। उनके साथ हालांकि बल्लेबाजी का मौका कम ही मिलता है।' कोविड-19 महामारी के कारण आईपीएल को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है।