नई दिल्ली। भारत-इंग्लैंड के बीच 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में अब तक तीन मुकाबले खेले जा चुके हैं। वहीं शुरुआती दो मुकाबलों में भारत को हार का मुंह देखना पड़ा लेकिन तीसरे टेस्ट में भारत ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को 203 रनों की करारी शिकस्त दी। गौरतलब हो कि भारत ने टेस्ट मुकाबले से पहले सिर्फ तीन मैचों के लिए ही टीम का ऐलीन किया था, ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी दो टेस्ट मैचों के लिए टीम इंडिया ने अपने स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है लेकिन इसमें हैरान करने वाली बात ये है कि चयनकर्ताओं ने इस बार टीम में रोहित शर्मा पर भरोसा न जता कर पृथ्वी शॉ और हनुमा विहारी को जगह दी है। जबकि अभी हाल ही में रोहित ने टेस्ट मैच में खेलने को लेकर अपनी इच्छा प्रकट की थी। ऐसे में अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या टीम इंडिया के सेलेक्टर्स ने ये मान लिया है कि रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट के लिए नहीं बने हैं।
चयनकर्ताओं के फैसले से तो कुछ ऐसा ही दिखाई देता है। चयनकर्ताओं ने टेस्ट के लिए भविष्य के खिलाड़ियों पर दांव लगाते हुए पृथ्वी शॉ और हनुमा विहारी को टीम में जगह दी है। आगे भी मयंक अग्रवाल जैसे खिलाड़ी हैं जो अपने मौके का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि रोहित शर्मा को टेस्ट टीम में नहीं चुने जाने से फैंस खासे नाराज हैं, लेकिन बता दें कि रोहित शर्मा को टेस्ट टीम में जगह नहीं देने के पीछे उनका विदेश में खराब प्रदर्शन भी है। रोहित शर्मा का इंग्लैंड में 17, साउथ अफ्रीका में 12.41 और ऑस्ट्रेलिया में 28.83 का बल्लेबाजी औसत है। शायद इसीलिए चयनकर्ताओं ने रोहित शर्मा को टीम में लेने का जोखिम नहीं लिया लेकिन रोहित के फैंस के लिए ये अच्छी खबर नहीं है।