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45 महीने बाद कोहली ने पहली बार नहीं किया वो जो 37 टेस्ट में करते आए

नई दिल्ली : इंग्लैंड और इंडिया के बीच मौजूदा टेस्ट श्रृंखला में कुछ ऐसा हुआ जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। क्रिकेट की ऑफिशियल बुक में भले ही इसकी एंट्री नहीं होगी लेकिन क्रिकेट गलियारों में इसकी चर्चा जोर-शोर से होगी। विराट के इस फैसले की सोशल मीडिया में भी जमकर तारीफ हो रही है। रोज बॉल, साउथम्पटन के मैदान पर क्रिकेट प्रशंसक और क्रिकेट विश्लेषक सभी इसकी उम्मीद में टकटकी लगाए बैठे थे कि विराट अपने 38वें टेस्ट में क्या वह करेंगे जो उन्होंने अब तक नहीं किया है। विराट और भारतीय टेस्ट के लिए एक लिहाज से देखें तो यह रिकॉर्ड ही था जिस पर कई बार उनसे मैच के प्री और पोस्ट कॉन्फ्रेंस में भी सवाल पूछे गए।

45 महीने बाद नहीं बदली टेस्ट टीम

45 महीने बाद नहीं बदली टेस्ट टीम

विराट चौथे टेस्ट में एक बार फिर टॉस हार गए लेकिन अपने एक निर्णय से क्रिकेट प्रशंसकों का दिल जीत गए। उन्होंने एक काम ऐसा किया जो उन्होंने अपनी कप्तानी के पिछले 37 टेस्ट मैचों में अब तक नहीं किया था। उन्होंने मौजूदा दौरे के चौथे टेस्ट में टीम में कोई बदलाव नहीं किया। वो उसी प्लेइंग एलेवेन से यह मैच खेल रहे हैं जिनके शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने नॉटिंघम टेस्ट जीता था। यह अपने आप में एक अजीब संयोग है कि विराट की कप्तानी में यह 38वें टेस्ट में हुआ जब उन्होंने टीम में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे पहले उनकी कप्तानी में खेले गए सभी 37 टेस्ट मैचों में कोई न कोई बदलाव जरूर किया है। उन्होंने प्री मैच कॉन्फ्रेंस में टीम पर पूछे इस सवाल का मुस्कुराते हुए जवाब दिया और कहा था कि "कभी किसी खिलाड़ी के चोटिल होने की वजह से तो कभी बेस्ट टीम कंबिनेशन के लिए ये सभी बदलाव किए गए थे। दिसंबर-2014 में टेस्ट टीम की कमान संभालने वाले कोहली ने 45 महीने बाद बिना किसी बदलाव के लगातार दो टेस्ट मैच में एक ही टीम रखी है।

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एक फैसले से जीता सबका दिल

एक फैसले से जीता सबका दिल

कथित तौर पर विराट के इस लगातार बदलाव की वजह से ही उनके और तत्कालीन कोच अनिल कुंबले के रिश्ते में कड़वाहट की शुरूआत हुई थी। पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के भारतीय दौरे पर कुलदीप यादव ने टेस्ट मैच में साल 2017 में डेब्यू किया था। कमाल की बात यह है कि कंधे की चोट की वजह से बाहर चल रहे विराट कोहली की जगह उन्हें टीम प्लेइंग-11 में शामिल किया गया था। कुलदीप ने उस मौके को दोनों हाथों से लपका और 68 रन देकर चार सफलताएं अर्जित की थी। बाद में उनके इस चयन पर सभी सवालों पर विराम लग गया था। तब भी विराट के चॉपिंग और चेंजिंग ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थी। हाल में इंग्लैंड दौरे पर दो टेस्ट हारने के बाद विराट के इस रवैये पर कई क्रिकेट दिग्गज सवाल उठा रहे थे लेकिन नॉटिंघम की शानदार जीत के बाद उन्होंने अपनी इस चाल से भी सबका दिल जीत लिया है।

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विराट ने पहले ही दिए थे इसके संकेत

विराट ने पहले ही दिए थे इसके संकेत

मैच की पूर्व संध्या पर जब विराट कोहली से प्लेइंग एकादश के संभावित खिलाड़ियों के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने इशारों में यह संकेत दे दिया था कि अभी नए खिलाड़ियों को टेस्ट कैप पाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा था कि अगर नॉटिंघम की जीत कठिन थी तो चौथा टेस्ट जीतने के लिए उससे और कठिन मेहनत करनी होगी। इसलिए हम अपनी बेस्ट टीम के साथ जाएंगे। हालांकि विराट समय-समय पर यह भी कहते रहे हैं कि अगर आप जीतते रहते हैं तो आपसे किसी भी तरह के बदलाव पर सवाल नहीं किए जाते हैं लेकिन हारते ही पूरी दुनिया आपसे सवाल पूछने लगती है।

Story first published: Thursday, August 30, 2018, 18:08 [IST]
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